Kangana Controversy: कंगना रनौत के ‘1 प्रतिशत सफलता’ वाले पलटवार से फिर गरमाया विवाद, जानिए किसने क्या कहा

कंगना रनौत ने हालिया आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि वह उन लोगों की सलाह नहीं सुनेंगी, जिन्होंने उनकी सफलता का एक प्रतिशत भी हासिल नहीं किया। विवाद Gen Z टिप्पणी से शुरू हुआ था।

Kangana Ranaut Controversy

Controversy Begins: कंगना रनौत का नया बयान कई पुराने विवादों को फिर चर्चा में ले आया है। 24 अगस्त को भाजपा सांसद और अभिनेत्री ने उन लोगों पर खुलकर निशाना साधा, जिन्होंने हाल के महीनों में उनके बयानों की आलोचना की थी। कंगना ने सोनू सूद, आशुतोष राणा, तापसी पन्नू और बाबा रामदेव का जिक्र करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनके बराबर सफलता का एक प्रतिशत भी हासिल नहीं किया, वह उनकी सलाह सुनने में दिलचस्पी नहीं रखतीं। उन्होंने साफ कहा कि पहले लोग कंगना रनौत बनकर दिखाएं, फिर उन्हें सलाह दें।

Gen Z पर बयान

पूरे विवाद की शुरुआत जुलाई 2026 में कंगना की Gen Z को लेकर की गई टिप्पणी से हुई थी। जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो का हवाला देते हुए कंगना ने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाया था। उन्होंने युवाओं की एक पीढ़ी को ‘Generation Gutter’ तक कह दिया था। इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक उनकी आलोचना शुरू हुई। कई लोगों ने कहा कि युवाओं को लेकर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

सोनू सूद का जवाब

अभिनेता सोनू सूद ने कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि युवाओं के लिए शब्दों का चयन सोच-समझकर किया जाना चाहिए। उन्होंने कंगना की टिप्पणी को शर्मनाक बताया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को बोलने से पहले अपने शब्दों पर विचार करना चाहिए। सोनू का कहना था कि युवा कलाकारों को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें सम्मान के साथ संबोधित करना जरूरी है। 24 अगस्त को कंगना ने सोनू के इसी रुख पर पलटवार किया और उनकी सलाह को व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में लेते हुए अपनी सफलता का हवाला दिया।

आशुतोष और तापसी

आशुतोष राणा ने भी कंगना की Gen Z टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सीधे कंगना का नाम लेकर हमला करने के बजाय कहा था कि इंसान की पहचान उसके शब्दों से होती है। उन्होंने प्रकृति के उदाहरण के जरिए समझाया कि अलग-अलग जीव अपनी आवाज से पहचाने जाते हैं और उसी तरह व्यक्ति के शब्द उसके व्यक्तित्व को सामने लाते हैं। दूसरी तरफ तापसी पन्नू के साथ कंगना का विवाद काफी पुराना है। हालिया चर्चा में तापसी ने कंगना के बारे में कहा था कि उनकी राय उनके अपने संस्कार, बोलने के तरीके और चीजों को देखने के नजरिए को दिखाती है। इसके बाद कंगना ने अब डिलीट हो चुकी इंस्टाग्राम स्टोरी में तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कहा था। तापसी ने बाद में बिना नाम लिए ‘Hence, proved’ लिखा।

रामदेव से सबसे तीखी भिड़ंत

कंगना और बाबा रामदेव के बीच विवाद सबसे ज्यादा व्यक्तिगत बयानबाजी तक पहुंचा। कंगना के ‘गटर जनरेशन’ वाले बयान पर रामदेव ने उनके बचपन, जवानी और पुराने कारनामों का जिक्र किया था। उन्होंने युवाओं को ‘गटर जनरेशन’ कहने को गलत बताते हुए इसे बिगड़े हुए दिमाग की निशानी बताया और कहा था कि कंगना की पार्टी को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए। कंगना ने इसे व्यक्तिगत और चरित्र से जुड़ा हमला माना। जवाब में उन्होंने रामदेव से उनकी जवानी या बेडरूम को लेकर खयाली बातें न करने और उन्हें चरित्र का पाठ न पढ़ाने की बात कही। उन्होंने पतंजलि से जुड़े 2024 के सुप्रीम कोर्ट मामले का भी उल्लेख किया।

‘एक प्रतिशत’ वाला पलटवार

24 अगस्त को कंगना ने इन तमाम विवादों को एक साथ जोड़ते हुए अपने आलोचकों को जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर किसी व्यक्ति ने उनकी जिंदगी में हासिल की गई सफलता का एक प्रतिशत भी हासिल नहीं किया है, तो वह उसका ज्ञान सुनने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह केवल उन लोगों की सलाह स्वीकार करेंगी, जो उनसे ज्यादा सफल और सम्मानित हैं। इस बयान के साथ कंगना ने पुराने विवादों पर अपनी स्थिति दोहराई और साफ कर दिया कि Gen Z टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। अब उनके बयान पर आगे किसकी प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर है।

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