Paresh Rawal Politics: बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल ने एक बार फिर अपने राजनीतिक सफर को लेकर खुलकर बात की है। 2014 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर गुजरात की अहमदाबाद पूर्व लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे परेश रावल ने बताया कि राजनीति छोड़ने का फैसला उन्होंने सोच-समझकर लिया था। उनका कहना है कि राजनीति में सफल होने के लिए पूरा समय और समर्पण देना पड़ता है।
‘राजनीति वैसी नहीं थी, जैसा मैंने सोचा था’
विक्की लालवानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान परेश रावल ने कहा कि राजनीति में आने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह काम उनकी कल्पना से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लगातार यात्रा, लोगों से मिलना और जिम्मेदारियों का दबाव उनकी सेहत पर भी असर डालने लगा।
‘तीन दवाइयां लेनी पड़ने लगीं’
अभिनेता ने बताया कि राजनीति में आने के बाद उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें नियमित रूप से दवाइयां लेनी पड़ीं। उन्होंने कहा, “लोग सोचते हैं कि नेता आराम से एसी में बैठते हैं, लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है। वहां लगातार काम करना पड़ता है, दौड़-भाग रहती है और जिम्मेदारियां बहुत ज्यादा होती हैं।”
क्यों लिया राजनीति छोड़ने का फैसला?
परेश रावल ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही राजनीति में सीमित समय के लिए आने का फैसला किया था। उनका मानना है कि यदि कोई राजनीति में रहता है तो उसे पूरी तरह उसी के लिए समर्पित होना चाहिए। अभिनय और राजनीति दोनों को साथ लेकर चलना उनके लिए संभव नहीं था। इसी वजह से उन्होंने 2019 के बाद सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।
अब फिल्मों पर पूरा फोकस
राजनीति छोड़ने के बाद परेश रावल पूरी तरह अपने फिल्मी करियर पर ध्यान दे रहे हैं। वह लगातार फिल्मों और अन्य प्रोजेक्ट्स में सक्रिय हैं और अपनी दमदार अभिनय शैली से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं।
