Rajpal Yadav: बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस के बहुचर्चित मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अभिनेता की दोषसिद्धि और सजा को कायम रखा है। अदालत ने सात अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में राजपाल यादव को तीन-तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, इसलिए उन्हें कुल तीन महीने की सजा काटनी होगी।
अदालत ने अपनाया सख्त रुख
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान राजपाल यादव और अन्य आरोपियों की दायर 21 याचिकाओं को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि अभिनेता को कई बार बकाया राशि चुकाने और अपने वादों को पूरा करने का अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने बार-बार अदालत के भरोसे को तोड़ा। कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि अभिनेता को हिरासत में लेकर सजा का पालन कराया जाए।
2010 में लिया था फिल्म के लिए कर्ज
यह मामला वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म निर्माण परियोजना के लिए करीब पांच करोड़ रुपये का ऋण लिया था। बाद में भुगतान के लिए जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद शिकायतकर्ता कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। समय के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण विवादित राशि बढ़ गई।
मुआवजे का भी आदेश
हाईकोर्ट ने प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस प्रकार कुल देय राशि 7.35 करोड़ रुपये बनती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यवाही के दौरान अभिनेता द्वारा पहले से जमा की गई लगभग 2.25 करोड़ रुपये की राशि को अंतिम भुगतान में समायोजित किया जाएगा। वहीं, सह-आरोपी और उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव पर प्रत्येक मामले में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
राहत देने से अदालत ने किया इनकार
सुनवाई के दौरान अभिनेता की ओर से प्रोबेशन और राहत की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि आरोपी पहले भी कई बार किए गए वादों का पालन नहीं कर पाए, इसलिए इस स्तर पर किसी प्रकार की राहत का आधार नहीं बनता। अदालत की टिप्पणी के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।








