Celebrity Parenting: ये फ़िल्मी सितारे अपने बच्चों को धर्म नहीं, इंसानियत की देते हैं सीख, जाने कौन हैं ये मशहूर कलाकार

सैफ अली खान और करीना कपूर अपने बेटे तैमूर और जेह को सभी धर्मों का सम्मान करना सिखा रहे हैं। उनका मानना है कि ईश्वर एक है और इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। दोनों चाहते हैं कि उनके बच्चे सहिष्णुता, सम्मान और समानता के मूल्यों के साथ बड़े हों।

Celebrity Parenting: बॉलीवुड के चर्चित स्टार कपल सैफ अली खान और करीना कपूर खान अपने बच्चों तैमूर अली खान और जेह अली खान की परवरिश को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में दोनों की पैरेंटिंग को लेकर एक बार फिर बातचीत शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि सैफ और करीना अपने बच्चों को किसी एक धर्म तक सीमित रखने के बजाय सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाते हैं।

दोनों का मानना है कि ईश्वर एक है, बस लोग उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारते हैं। यही सोच वे अपने बच्चों को भी बचपन से सिखा रहे हैं।

सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाते हैं

सैफ अली खान और करीना कपूर का मानना है कि बच्चों को बचपन से ही विविध संस्कृतियों और धार्मिक परंपराओं की जानकारी मिलनी चाहिए। दोनों चाहते हैं कि तैमूर और जेह हर धर्म का सम्मान करें और किसी भी धर्म के प्रति भेदभाव की भावना न रखें।

परिवार में अलग-अलग धार्मिक परंपराओं का पालन भी इसी सोच का हिस्सा माना जाता है।

त्योहारों में निभाते हैं सभी परंपराएं

करीना कपूर और सैफ अली खान अपने परिवार के साथ ईद, दिवाली, क्रिसमस और अन्य प्रमुख त्योहार मनाते हुए अक्सर नजर आते हैं। सोशल मीडिया पर भी दोनों परिवार के साथ त्योहारों की तस्वीरें साझा करते रहते हैं।

उनका मानना है कि त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवार, प्रेम और आपसी सम्मान का प्रतीक भी होते हैं।

इंसानियत को मानते हैं सबसे बड़ा धर्म

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों कलाकार अपने बच्चों को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके धर्म से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और इंसानियत से होती है।

सैफ और करीना का मानना है कि बच्चों में सहिष्णुता, सम्मान और समानता जैसे संस्कार विकसित होना सबसे अधिक जरूरी है।

पैरेंटिंग को लेकर अक्सर रहती है चर्चा

तैमूर और जेह की परवरिश को लेकर सैफ अली खान और करीना कपूर कई बार अपने विचार साझा कर चुके हैं। दोनों का कहना है कि वे चाहते हैं कि उनके बच्चे खुले विचारों वाले, संवेदनशील और जिम्मेदार इंसान बनें, जो हर संस्कृति और हर धर्म का सम्मान करें।

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