Salman Khan: बॉलीवुड स्टार सलमान खान को हाल ही में कोटा उपभोक्ता आयोग द्वारा नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि सलमान खान द्वारा प्रमोट किया गया पान-मसाला विज्ञापन भ्रामक है, क्योंकि उसमें दावे किए गए हैं कि उत्पाद “सिल्वर-कोटेड इलायची” है। इस प्रकार के प्रचार को युवा वर्ग के लिए गुमराह करने वाला और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया गया है।
सलमान खान की सफाई
इस आरोप के बाद, सलमान खान के वकील आशीष दुबे ने कोटा कोर्ट में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल ने कभी पान मसाला या गुटखा का विज्ञापन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि सलमान केवल “सिल्वर-कोटेड इलायची” (माउथ फ्रेशनर) के ब्रांड एम्बेसडर हैं। वकील ने कहा कि इलायची तंबाकू उत्पाद नहीं है और इसलिए उसे पान-मसाले से जोड़ना गलत है। उन्होंने शिकायत को “बेबुनियाद और आधारहीन” बताया। इसके अलावा, पैनल से अनुरोध किया गया है कि शिकायत को खारिज किया जाए और मामले में हस्तक्षेप बंद हो।
सामाजिक व कानूनी चिंताएं
शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसे विज्ञापन विशेषकर युवाओं को प्रभावित करते हैं, जो सेलेब्रिटी इमेज और लोकप्रियता के कारण पान-मसाले की ओर आकर्षित हो सकते हैं। गुज़रते समय नशीली चीज़ों व तंबाकू उत्पादों के उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, और इस तरह के विवाद से यह विषय फिर से गरम हो गया है।
अगली कार्रवाई
कोटा उपभोक्ता आयोग ने मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित की है। सुनवाई में तय होगा कि शिकायत दर्जकर्ता के दावे कितने मजबूत हैं और क्या वाकई विज्ञापन भ्रामक था या नहीं। वहीं सलमान खान के वकील ने शिकायत खारिज करने की मांग भी की है।
यह मामला सिर्फ एक सेलिब्रिटी-एड विवाद नहीं, बल्कि विज्ञापन, उपभोक्ता अधिकार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे व्यापक विषयों को सामने लाता है। चाहे फैसला कुछ भी हो — सेलेब्रिटी और ब्रांड दोनों के लिए यह एक मदद हो सकती है कि वे अपने विज्ञापनों के दावे और सामाजिक प्रभावों पर स्पष्ट हो।










