5 लाख फॉलोअर्स वाले इन्फ्लुएंसर्स भी कहलाएंगे सेलिब्रिटी! SEBI के नए प्रस्ताव ने बढ़ाई चर्चा

SEBI ने विज्ञापन नियमों में बदलाव के लिए एक नया ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है, जिसमें 5 लाख से अधिक फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी सेलिब्रिटी की श्रेणी में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इस प्रस्ताव में खिलाड़ियों, टीवी एंकरों, रियलिटी शो विजेताओं और AI अवतारों को भी सेलिब्रिटी की परिभाषा में शामिल किया गया है।

SEBI Celebrity Definition Proposal: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विज्ञापनों और निवेश संबंधी प्रचार को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया है। नए ड्राफ्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखने वाले इन्फ्लुएंसर्स को भी सेलिब्रिटी माना जा सकता है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति के किसी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 5 लाख या उससे अधिक फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स हैं, तो वह विज्ञापन नियमों के तहत सेलिब्रिटी की श्रेणी में आ सकता है।

सिर्फ फिल्मी सितारे नहीं, कई और चेहरे होंगे शामिल

SEBI की प्रस्तावित परिभाषा के अनुसार, अब सेलिब्रिटी का दायरा केवल फिल्म कलाकारों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, टीवी कलाकार, रियलिटी शो विजेता, खेल जगत की हस्तियां और डिजिटल दुनिया के नए चेहरे भी शामिल किए जाएंगे।

नियामक ने सेलिब्रिटी की पहचान के लिए आठ अलग-अलग मानदंड तय किए हैं। इनमें से किसी एक शर्त को पूरा करने वाला व्यक्ति इस श्रेणी में आ सकता है।

खिलाड़ी और टीवी होस्ट भी दायरे में

ड्राफ्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी भी सेलिब्रिटी माने जाएंगे। इसमें ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जैसे प्रमुख खेल आयोजनों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी शामिल हैं।

इसके अलावा टीवी शो, क्विज कार्यक्रम, कुकिंग शो, डांस और सिंगिंग रियलिटी शो के एंकर और होस्ट भी इस श्रेणी में आ सकते हैं, बशर्ते उन्होंने किसी शो के कम से कम एक सीजन या 10 एपिसोड में भाग लिया हो।

AI अवतारों को भी मिल सकती है मान्यता

SEBI के प्रस्ताव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इंसानों जैसे दिखने वाले कंप्यूटर जनित AI अवतारों को भी सेलिब्रिटी की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कदम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया माना जा रहा है।

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो विज्ञापन और निवेश संबंधी प्रचार में शामिल डिजिटल क्रिएटर्स और अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के लिए नए नियम और जिम्मेदारियां तय हो सकती हैं।

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