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Bollywood legends:सुपरस्टारडम का जुनून: राजेश खन्ना ने बिना पढ़े की स्क्रिप्ट साइन, फिर लिखा इतिहास

Rajesh khanna

Bollywood news: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का जादू 60 और 70 के दशक में हर किसी के सिर चढ़कर बोलता था। उनकी फिल्मों, गानों और डायलॉग्स ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। आज उनकी 82वीं जयंती पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी का एक मजेदार किस्सा, जब उन्होंने पैसों के लिए बिना स्क्रिप्ट पढ़े ही एक फिल्म साइन कर ली थी।

पैसों के लिए साइन की फिल्म

राजेश खन्ना उस दौर के सबसे बड़े सितारे थे। उन्होंने लगातार 17 सुपरहिट फिल्में देकर रिकॉर्ड बनाया था। सुपरस्टारडम के उस दौर में वह कई बार बिना स्क्रिप्ट पढ़े भी फिल्में साइन कर लेते थे।ऐसा ही एक किस्सा तब हुआ जब उन्होंने 5 लाख रुपये नकद देखकर एक फिल्म साइन कर ली। लेकिन जब उन्होंने बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उनके होश उड़ गए। स्क्रिप्ट उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं आई हालांकि, वह पीछे हटना भी नहीं चाहते थे।

फिल्म थी हाथी मेरे साथी

यह किस्सा फिल्म हाथी मेरे साथी से जुड़ा है। उस समय राजेश खन्ना एक आलीशान बंगला खरीदना चाहते थे, जिसके लिए उन्हें पैसे की जरूरत थी। ऐसे में चेन्नई के एक निर्माता ने उन्हें इस फिल्म का ऑफर दिया।

स्क्रिप्ट बदलवाई और फिल्म ब्लॉकबस्टर बनी

जब राजेश खन्ना ने स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं आई। इसके बाद उन्होंने मशहूर लेखक सलीम-जावेद को बुलाया और स्क्रिप्ट में बदलाव करवाए।सलीम-जावेद ने पूरी कहानी को नया रूप दिया और बस पालतू हाथियों का एंगल बनाए रखा। इस तरह बनी फिल्म हाथी मेरे साथी और यह बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।

पैसे और शोहरत का जलवा

किताब राजेश खन्ना द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज़ फर्स्ट सुपरस्टार के मुताबिक, राजेश खन्ना उस समय पैसों से भरा सूटकेस लेकर घूमते थे। और इसे अपने दोस्तों को दिखाते थे।उन दिनों 5 लाख रुपये नकद देखना किसी सपने से कम नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में यह चर्चा का विषय बन गया था। कि काका (राजेश खन्ना) को इतना बड़ा साइनिंग अमाउंट मिला है।

हाथी मेरे साथी ने रचा इतिहास

हाथी मेरे साथी उस दौर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बनी। इसने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई, बल्कि राजेश खन्ना के करियर को और ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।
यह किस्सा साबित करता है कि राजेश खन्ना न सिर्फ एक शानदार अभिनेता थे, बल्कि जरूरत पड़ने पर स्क्रिप्ट को बेहतर बनाने का हुनर भी रखते थे।

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