Story Beyond Suicide: यह सिर्फ सुसाइड नहीं, कैसे कोरियन जुनून,सांस्कृतिक टकराव, मानसिक दबाव का हुआ दर्दनाक अंत

यह मामला तीन बहनों की मानसिक उलझन, कोरियन संस्कृति के जुनून, पारिवारिक दबाव और पहचान के टकराव की कहानी है, जिसने उन्हें एक बेहद दुखद और अंतिम कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

A Story Beyond Suicide: यह मामला केवल एक आत्महत्या की खबर नहीं है, बल्कि एक गहरी मानसिक उलझन और भावनात्मक जुनून की कहानी है। यह कहानी तीन बहनों की है, जिनकी ज़िंदगी धीरे-धीरे एक अलग ही दिशा में चली गई। बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य लग सकता था, लेकिन अंदर ही अंदर वे एक ऐसी दुनिया में जी रही थीं, जो हकीकत से काफी दूर थी। उनका मन, उनकी सोच और उनके सपने एक खास संस्कृति से इस कदर जुड़ गए थे कि वे अपनी पहचान तक भूल बैठीं।

कोरियन संस्कृति के प्रति गहरी दीवानगी

जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें दक्षिण कोरियाई संस्कृति से बेहद प्रभावित थीं। यह लगाव सिर्फ पसंद तक सीमित नहीं था, बल्कि जुनून बन चुका था। वे खुद को भारतीय मानने के बजाय कोरियन समझने लगी थीं। स्कूल या किसी संस्थान में भाषा सीखने के बजाय उन्होंने यूट्यूब से कोरियन भाषा सीखी। उनके कमरे की सजावट, पहनावा, खाने की पसंद और सोचने का तरीका, सब कुछ कोरियन लाइफस्टाइल के आसपास घूमता था। धीरे-धीरे उनकी असली दुनिया सिमटती चली गई और वे एक काल्पनिक दुनिया में रहने लगीं।

पिता के नाम लिखी चिट्ठी में छुपा दर्द

सुसाइड नोट में लिखी बातें उनके मन के संघर्ष को साफ दिखाती हैं। उन्होंने अपने पिता को संबोधित करते हुए भावुक शब्दों में लिखा कि वे उनसे उनका “कोरियन कल्चर” छीनना चाहते थे, जबकि वही उनके लिए सब कुछ था। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें भारतीय लड़के बिल्कुल पसंद नहीं थे और वे किसी भी हालत में इंडियन लड़के से शादी नहीं कर सकती थीं। उनके लिए कोरियन संस्कृति सिर्फ पसंद नहीं, बल्कि जीने का सहारा बन चुकी थी।

घर का तनाव और मानसिक दबाव

घर में इस जुनून को लेकर अक्सर तनाव बना रहता था। परिवार चाहता था कि बेटियां अपनी जड़ों से जुड़ें, सामान्य भारतीय जीवन जिएं और भविष्य के बारे में व्यावहारिक रूप से सोचें। खासकर शादी को लेकर परिवार की चिंता बढ़ रही थी। वहीं लड़कियां अपनी बनाई हुई कोरियन दुनिया से बाहर आने को तैयार नहीं थीं। यह लगातार चलता टकराव, भविष्य का डर और मानसिक दबाव उनके मन पर भारी पड़ गया। धीरे-धीरे वे खुद को अकेला और समझा न जाने वाला महसूस करने लगीं।

जांच जारी, सवाल बाकी

फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच करवा रही है और पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है कि कहीं हम मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक जरूरतों को नजरअंदाज तो नहीं कर रहे।

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