Gorakhpur News: गोरखपुर विश्वविद्यालय में रवि किशन ने ली पहली क्लास, छात्रों को सिखाया संघर्ष और सफलता का मंत्र

गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बने रवि किशन ने पहली क्लास में छात्रों को अभिनय, अनुशासन और संघर्ष का महत्व बताया। बिजली गुल होने के बावजूद उन्होंने संवाद जारी रखते हुए सफलता के अपने अनुभव साझा किए।

Gorakhpur News: भारतीय जनता पार्टी के सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन ने शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के ललित कला एवं संगीत विभाग में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में अपनी पहली क्लास ली। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अनुभूति दुबे ने उनका स्वागत किया। निर्धारित समय से पहले पहुंचे रवि किशन ने लगभग एक घंटे तक छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए अभिनय, जीवन के अनुभव और सफलता के सूत्र साझा किए।

बिजली गुल होने पर भी जारी रखा संवाद

क्लास के दौरान अचानक बिजली चली गई, लेकिन रवि किशन ने बिना किसी रुकावट के माइक एक तरफ रख दिया और सीधे छात्र-छात्राओं से बातचीत जारी रखी। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद उन्होंने पूरे उत्साह के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब दिए और अपने अनुभव साझा किए।

संघर्ष से सफलता तक का सफर सुनाया

रवि किशन ने बताया कि उन्होंने मिट्टी के घर से निकलकर मुंबई तक का सफर तय किया और भोजपुरी व दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि करीब 35 वर्षों के संघर्ष के बाद उन्हें फिल्मफेयर सहित कई सम्मान मिले। उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में कठिनाइयों से घबराने के बजाय लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।

निराशा से दूर रहने की दी सलाह

उन्होंने विद्यार्थियों को हताश न होने और हमेशा सकारात्मक सोच रखने की सीख दी। रवि किशन ने कहा कि व्यक्ति को ऐसे लोगों से प्रेरणा लेनी चाहिए जिन्होंने संघर्ष के दम पर सफलता हासिल की हो। उन्होंने यह भी कहा कि निराशा और असफलता से बाहर निकलने के लिए आत्मविश्वास और मेहनत सबसे जरूरी हैं।

राजनीति को बताया देश सेवा का माध्यम

रवि किशन ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें नाम और सफलता दोनों मिले, लेकिन उन्होंने राजनीति में आकर देश सेवा का रास्ता चुना। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास कार्यों में योगदान देने की बात कही और इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय बताया।

अनुशासन और योग पर दिया जोर

अपने बचपन का एक प्रेरणादायक प्रसंग सुनाते हुए रवि किशन ने कहा कि उन्होंने बचपन में ही जीवन में अलग पहचान बनाने का संकल्प लिया था। उन्होंने छात्रों को ब्रह्म मुहूर्त में उठने, योग और साधना करने तथा प्रतिदिन गीता का एक श्लोक पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उनकी कक्षा में अनुशासन और 100 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। नियमित रूप से कक्षा में आने वाले विद्यार्थियों को अभिनय और संगीत की बारीकियां सिखाई जाएंगी।

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