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Fake Injection: ब्यूटी के नाम पर जान से खिलवाड़! नकली इंजेक्शनों पर सरकार का बड़ा एक्शन

Fake Injection: आजकल गोरा रंग, ग्लोइंग स्किन और झुर्रियों से छुटकारा पाने की चाहत में लोग तेजी से ब्यूटी इंजेक्शनों और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन अब यही ट्रेंड लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर के ब्यूटी पार्लर, सैलून और वेलनेस क्लीनिकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने साफ कर दिया है कि शरीर में सुई के जरिए डाली जाने वाली कोई भी चीज कॉस्मेटिक नहीं बल्कि “दवा” मानी जाएगी। ऐसे में अब बोटॉक्स, फिलर्स और ग्लूटाथियोन जैसी प्रक्रियाएं केवल रजिस्टर्ड डॉक्टर ही कर सकेंगे। बिना लाइसेंस इन इंजेक्शनों का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई होगी।

क्यों बढ़ा खतरा?

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और ग्लैमरस लाइफस्टाइल के प्रभाव से ब्यूटी इंजेक्शनों का बाजार तेजी से बढ़ा है। लोग कम समय में गोरा रंग, जवां त्वचा और आकर्षक लुक पाने के लिए छोटे-छोटे क्लीनिक और सैलून का रुख कर रहे हैं। लेकिन कई जगह बिना मेडिकल डिग्री वाले लोग शरीर में खतरनाक केमिकल इंजेक्ट कर रहे हैं।

सरकार को देशभर से कई गंभीर मामलों की शिकायतें मिली हैं, जिनमें गलत इंजेक्शन लगाने से लोगों की त्वचा खराब हो गई, चेहरा टेढ़ा हो गया, आंखों की रोशनी चली गई और कुछ मामलों में किडनी तक फेल होने की नौबत आ गई।

कौन-कौन से इंजेक्शन हैं सबसे ज्यादा ट्रेंड में?

बोटॉक्स

यह चेहरे की मांसपेशियों को कुछ समय के लिए सुन्न कर झुर्रियां कम दिखाता है। इसका असर तीन से छह महीने तक रहता है।

डर्मल फिलर्स

इनका इस्तेमाल होठों को मोटा दिखाने, चेहरे के गड्ढे भरने और स्किन को टाइट करने के लिए किया जाता है।

ग्लूटाथियोन ड्रिप

यह सबसे ज्यादा विवादों में रहने वाला ट्रीटमेंट है। इसे नसों के जरिए शरीर में पहुंचाया जाता है ताकि त्वचा का रंग साफ दिखे।

नकली इंजेक्शन बन रहे बड़ा खतरा

मुनाफे के लालच में कई छोटे सेंटर विदेशों से सस्ते और बिना मंजूरी वाले इंजेक्शन मंगाकर लोगों को लगा रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इससे गंभीर एलर्जी, त्वचा गलने, संक्रमण और स्थायी नुकसान का खतरा रहता है।

सरकार का नया आदेश क्या कहता है?

CDSCO ने राज्यों के ड्रग कंट्रोल विभागों को निर्देश दिए हैं कि बिना वैध लाइसेंस वाले सैलून और क्लीनिकों की जांच की जाए। अगर कहीं भी अवैध ब्यूटी इंजेक्शन पाए जाते हैं तो दुकान सील करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

सरकार का कहना है कि लोगों को सुंदर दिखने की चाहत में अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए और किसी भी ब्यूटी इंजेक्शन या स्किन ट्रीटमेंट से पहले केवल प्रमाणित डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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