China Health Center Fraud: आज के समय में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है, लेकिन कई बार यही चिंता लोगों के लिए मुसीबत बन जाती है। चीन की राजधानी बीजिंग से ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी हेल्थ सेंटर ने बुजुर्गों को गंभीर बीमारियों का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगों ने इलाज के नाम पर सोया सॉस का इस्तेमाल कर लोगों को विश्वास दिलाया कि उनके शरीर से जहरीले पदार्थ बाहर निकल रहे हैं।
बीमारी का डर दिखाकर बनाया शिकार
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हेल्थ सेंटर ने 100 से अधिक बुजुर्गों को अपने जाल में फंसाया। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने करीब 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 12 करोड़ रुपये) से ज्यादा की ठगी की। मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक 60 वर्षीय महिला के परिवार को पता चला कि उसने इलाज के नाम पर लगभग 7 लाख युआन (करीब 1 करोड़ रुपये) खर्च कर दिए हैं।
बताया गया कि महिला शुरुआत में केवल 38 युआन का फुट मसाज वाउचर लेने गई थी, लेकिन सेंटर के कर्मचारियों ने धीरे-धीरे भावनात्मक रिश्ता बनाकर उसे महंगे इलाज के लिए तैयार कर लिया।
जन्मदिन याद रखकर जीता भरोसा
गिरोह के सदस्य बुजुर्गों का विश्वास जीतने के लिए उनका जन्मदिन याद रखते थे, परिवार जैसा व्यवहार करते थे और लगातार संपर्क में रहते थे। पुलिस के अनुसार, उनका निशाना खासतौर पर वे बुजुर्ग थे जो अकेले रहते थे या जिनके बच्चे दूसरे शहरों में रहते थे। भावनात्मक सहारे की जरूरत का फायदा उठाकर उन्हें महंगे हेल्थ पैकेज बेच दिए जाते थे।
फर्जी डॉक्टरों ने चलाया बड़ा खेल
जांच में सामने आया कि सेंटर में मौजूद तथाकथित डॉक्टर असली विशेषज्ञ नहीं थे। वे पहले मुफ्त स्वास्थ्य जांच और सलाह का लालच देते थे, फिर बुजुर्गों को बताते थे कि उनके शरीर में गंभीर बीमारी है और लंबे इलाज की जरूरत पड़ेगी। डर का माहौल बनाकर हजारों से लेकर लाखों युआन तक के इलाज पैकेज बेचे जाते थे। एक पीड़ित ने तो करीब 20 लाख युआन (करीब 3 करोड़ रुपये) तक खर्च कर दिए।
सोया सॉस से बनाया नकली सबूत
इस फ्रॉड का सबसे हैरान करने वाला तरीका आंतों की सफाई के दौरान अपनाया गया। पुलिस के मुताबिक, इलाज के नाम पर इस्तेमाल किए जाने वाले तरल पदार्थ में गहरे रंग का सोया सॉस मिलाया जाता था। जब यह तरल बाहर निकलता था तो मरीजों को बताया जाता था कि उनके शरीर से जहरीले तत्व बाहर आ रहे हैं। इसी झूठे प्रदर्शन के जरिए उन्हें लगातार इलाज कराने के लिए मजबूर किया जाता था।
20 से ज्यादा फर्जी हेल्थ सेंटर चला रहा था गिरोह
पुलिस जांच में पता चला कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं था। गिरोह बीजिंग के अलग-अलग इलाकों में 20 से अधिक हेल्थ सेंटर चला रहा था। यहां फर्जी विशेषज्ञों की मदद से बुजुर्गों को डराकर महंगे पैकेज बेचे जाते थे। अब तक इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस घटना ने चीन में तेजी से बढ़ रही बुजुर्ग आबादी की सुरक्षा और अकेलेपन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग ऐसे हेल्थ सेंटरों की सख्त निगरानी और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






