नोटिस प्राप्त करने वाली कंपनियों में इमामी हेल्दी एंड टेस्टी, हेल्थ एड, ट्रूवी, द हेल्दी फैक्ट्री, हेल्दी मास्टर, हेल्दी चॉइस, प्लान बी और न्यूहर्ब्स शामिल हैं।
FSSAI को किस बात पर है आपत्ति?
FSSAI का कहना है कि किसी भी खाद्य उत्पाद को ऐसे दावों या नामों के साथ प्रचारित नहीं किया जाना चाहिए, जिससे उपभोक्ताओं के मन में उत्पाद को लेकर गलत धारणा बने। रेगुलेटर के मुताबिक, कुछ कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे शब्द और टैगलाइन उत्पादों की वास्तविक प्रकृति से अलग संदेश दे सकते हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में FSSAI ने कुछ अन्य प्रमुख खाद्य कंपनियों को भी भ्रामक दावों के संबंध में नोटिस जारी किए थे।
किन कंपनियों पर लगे क्या आरोप?
इमामी हेल्दी एंड टेस्टी के ब्रांड नाम को लेकर FSSAI ने सवाल उठाया है। रेगुलेटर का मानना है कि नाम में इस्तेमाल किया गया “हेल्दी” शब्द उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।
वहीं, प्लान बी अपने उत्पादों को “प्लांट बेस्ड वीगन” बताकर बेचता है। FSSAI के अनुसार कंपनी के लाइसेंस में वीगन फूड एंडोर्समेंट की मंजूरी नहीं है, इसलिए इस तरह का दावा नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
‘जीरो मैदा’ और ‘हेल्दी’ दावे भी जांच के घेरे में
द हेल्दी फैक्ट्री के “जीरो मैदा होल व्हीट ब्रेड” और “जीरो मैदा पिज्जा बेस” को भी नोटिस भेजा गया है। FSSAI का कहना है कि इनमें गेहूं से जुड़े अन्य तत्व मौजूद हैं, ऐसे में “जीरो मैदा” का दावा उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।
इसी तरह ट्रूवी के “हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स”, “हेल्दी रागी चिप्स” और “हेल्दी मूंग दाल चिप्स” जैसे उत्पादों पर भी सवाल उठाए गए हैं। रेगुलेटर का मानना है कि केवल “हेल्दी” शब्द का उपयोग कर उत्पादों को प्रस्तुत करना उपभोक्ताओं को गलत संदेश दे सकता है।
अब आगे क्या होगा?
न्यूहर्ब्स के “ट्रू विटामिन” नाम, हेल्दी मास्टर की टैगलाइन और हेल्दी चॉइस के कुछ उत्पादों को लेकर भी FSSAI ने आपत्ति दर्ज की है।
अब संबंधित कंपनियों को नोटिस का जवाब देना होगा। जवाब मिलने के बाद FSSAI मामले की समीक्षा करेगा और आवश्यक होने पर आगे की नियामकीय कार्रवाई तय करेगा।