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Heatwave Alert: भारत में गर्मी का प्रकोप हर साल नए रिकॉर्ड बना रहा है। अब तक लोग सिर्फ दिन की चिलचिलाती धूप और लू से बचने की चिंता करते थे, लेकिन अब मौसम वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने एक नए खतरे को लेकर चेतावनी दी है। इसे ‘नाइट हीटवेव’ यानी रात की लू कहा जा रहा है, जो कई मामलों में दिन की गर्मी से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है।
क्या है नाइट हीटवेव?
सामान्य तौर पर सूर्यास्त के बाद तापमान कम होने लगता है, लेकिन नाइट हीटवेव के दौरान रात में भी गर्मी बनी रहती है। जब न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर रहता है, तो शरीर को दिनभर की गर्मी से राहत नहीं मिल पाती।
विशेषज्ञों के अनुसार शहरों में कंक्रीट की इमारतें, ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ती उमस इसकी बड़ी वजह हैं। सीमेंट और सड़कें दिनभर गर्मी सोखती हैं और रात में धीरे-धीरे उसे छोड़ती रहती हैं।
क्यों है यह ज्यादा खतरनाक?
डॉक्टरों का कहना है कि रात के समय शरीर को ठंडा माहौल चाहिए होता है ताकि वह रिकवर कर सके। लगातार गर्मी रहने से नींद पूरी नहीं होती, दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
इससे डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, हार्ट अटैक और मानसिक थकान का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्ग, बच्चे, डायबिटीज और हाई बीपी के मरीज इसके सबसे ज्यादा शिकार हो सकते हैं।
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों ने लोगों को रात में भी गर्मी से बचाव की तैयारी करने की सलाह दी है। शाम के समय घर में क्रॉस वेंटिलेशन रखें और सोने से पहले सामान्य पानी से स्नान करें। हल्के सूती कपड़े पहनें और कमरे को ज्यादा गर्म होने से बचाएं।
सोने से पहले पर्याप्त पानी पिएं और रात में भारी या मसालेदार भोजन से बचें। ORS, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में नाइट हीटवेव शहरों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है, इसलिए लोगों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।

