Health Awareness: कई लोग बाहर से बिल्कुल दुबले-पतले और फिट दिखाई देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि उनके शरीर में फैट नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कुछ लोगों के शरीर में अंदरूनी अंगों के आसपास खतरनाक फैट जमा हो जाता है, जिसे विसरल फैट (Visceral Fat) कहा जाता है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में “Thin Outside, Fat Inside (TOFI)” भी कहा जाता है।
क्या है विसरल फैट?
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में फैट दो तरह का होता है। एक होता है सबक्यूटेनियस फैट, जो त्वचा के नीचे जमा होता है और अपेक्षाकृत कम हानिकारक माना जाता है। दूसरा होता है विसरल फैट, जो शरीर के अंदरूनी अंगों जैसे लिवर, हार्ट और आंतों के आसपास जमा हो जाता है।
डाइटिशियन एलिसन क्लार्क के अनुसार, कमर के आसपास बढ़ता फैट अक्सर विसरल फैट का संकेत हो सकता है। यही वजह है कि कई पतले लोग भी “बीयर बेली” जैसी समस्या से जूझते नजर आते हैं।
क्यों बढ़ता है हिडन फैट?
खराब लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, ज्यादा शराब का सेवन और स्मोकिंग जैसी आदतें इस फैट के बढ़ने का मुख्य कारण हो सकती हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह फैट धीरे-धीरे बिना किसी स्पष्ट संकेत के शरीर में जमा होता रहता है।
स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. जेन्ना मैकिओची के अनुसार, विसरल फैट शरीर के लिए ज्यादा खतरनाक होता है क्योंकि यह सीधे अंदरूनी अंगों को प्रभावित करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैट केवल वजन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है। इसके कारण टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिसर्च के अनुसार, विसरल फैट फैटी लिवर डिजीज का एक बड़ा संकेत भी हो सकता है।
कैसे पहचानें यह खतरा?
डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ वजन या BMI देखकर सेहत का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। अगर किसी व्यक्ति की कमर का आकार लगातार बढ़ रहा हो या पेट बाहर निकलता जा रहा हो, तो यह अंदरूनी फैट का संकेत हो सकता है।
लंबे समय तक बैठकर काम करना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कमर की माप नियमित रूप से करनी चाहिए, क्योंकि यह विसरल फैट का एक आसान और प्रभावी संकेतक माना जाता है।









