वजन कम करने की कोशिश करने वाले कई लोग सबसे पहले अपनी डाइट से चावल हटा देते हैं। आम धारणा है कि चावल खाने से वजन तेजी से बढ़ता है, इसलिए केवल रोटी खाना बेहतर विकल्प है। लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की डायटीशियन प्रिया दुबे के मुताबिक, वजन कम होना केवल चावल या रोटी पर नहीं बल्कि पूरी लाइफस्टाइल और संतुलित खान-पान पर निर्भर करता है।
रोटी और चावल में क्या है अंतर?
डायटीशियन के अनुसार, सफेद चावल जल्दी पच जाता है क्योंकि उसमें फाइबर और प्रोटीन कम होता है। वहीं गेहूं की रोटी में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन-बी अधिक मात्रा में पाया जाता है। यही वजह है कि रोटी खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती।
सिर्फ रोटी खाने से नहीं घटेगा वजन
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वजन कम करना है तो केवल चावल छोड़ देना पर्याप्त नहीं है। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, भरपूर पानी पीना और संतुलित आहार अपनाना सबसे जरूरी है। धूम्रपान जैसी गलत आदतों से दूरी बनाना भी वजन नियंत्रण में मदद करता है।
डाइट में प्रोटीन और विटामिन भी हैं जरूरी
भारतीय भोजन में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होने के कारण कई लोगों में प्रोटीन, विटामिन-डी और विटामिन-बी12 की कमी देखी जा रही है। डायटीशियन दूध, दही, हरी सब्जियां, सलाद, दाल, अंकुरित अनाज, सत्तू और अंडे जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह देती हैं।
चावल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं
एक गेहूं की रोटी में लगभग 70-100 कैलोरी होती है, जबकि एक कप चावल में करीब 130-200 कैलोरी होती है। हालांकि चावल को दाल, दही और हरी सब्जियों के साथ खाने से उसका ग्लाइसेमिक प्रभाव काफी हद तक संतुलित हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वजन घटाने के लिए चावल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं, बल्कि उसकी मात्रा नियंत्रित रखते हुए संतुलित आहार लेना सबसे बेहतर तरीका है।
