Health News: खराब खाना बन रहा है बड़ी स्वास्थ्य चुनौती, हर साल इतने करोड़ लोग पड़ते हैं बीमार

WHO की नई रिपोर्ट के अनुसार, दूषित और असुरक्षित भोजन हर साल दुनिया भर में 86 करोड़ से अधिक लोगों को बीमार बनाता है और 15 लाख से ज्यादा मौतों का कारण बनता है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ता है। रिपोर्ट में भोजन में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और आर्सेनिक, लेड जैसे रसायनों से होने वाले स्वास्थ्य खतरों पर चिंता जताई गई है। WHO ने खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छता संबंधी उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

हम में से कई लोग कभी-कभी बाहर का या साफ-सफाई के बिना बना खाना खा लेते हैं। लेकिन यह छोटी सी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी नए अनुमानों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल करीब 86 करोड़ लोग दूषित या असुरक्षित भोजन खाने से बीमार पड़ जाते हैं। इनमें से 15 लाख से अधिक लोगों की मौत भी हो जाती है।

WHO के अनुसार, पांच साल से कम उम्र के बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ता है। छोटे बच्चों में भोजन से होने वाली बीमारियों का खतरा अन्य आयु वर्गों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। डायरिया जैसी बीमारियां इस उम्र के बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं।

रसायन भी बन रहे मौत की वजह

रिपोर्ट में बताया गया है कि भोजन में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और परजीवी संक्रमण बीमारियों के प्रमुख कारण हैं। हालांकि मौतों के मामलों में रासायनिक प्रदूषण की भूमिका अधिक पाई गई है। वर्ष 2021 में दूषित भोजन से होने वाली मौतों में लगभग 73 प्रतिशत मौतें रासायनिक खतरों से जुड़ी थीं।

इनऑर्गेनिक आर्सेनिक और लेड जैसे तत्व सबसे ज्यादा चिंता का विषय हैं। इनके लगातार संपर्क में रहने से हृदय रोग, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं मिथाइलमरकरी बच्चों के मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकता है, जिससे जीवनभर न्यूरोलॉजिकल और विकास संबंधी समस्याएं बनी रह सकती हैं।

आर्थिक नुकसान भी भारी

स्वास्थ्य पर असर के अलावा खाद्यजनित बीमारियां वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रही हैं। अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2021 में इन बीमारियों के कारण उत्पादकता में लगभग 310 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए यह आंकड़ा बढ़कर 647 अरब डॉलर तक पहुंच जाता है।

WHO ने दी सावधानी बरतने की सलाह

WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस का कहना है कि खाद्य सुरक्षा केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने सरकारों से बेहतर खेती, सख्त औद्योगिक नियंत्रण और मजबूत पर्यावरणीय नियम लागू करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ पानी, बेहतर साफ-सफाई, सुरक्षित खाद्य प्रसंस्करण और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से इन बीमारियों और मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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