Elon Musk praise India election system: दुनिया के सबसे अमीर उद्यमी और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भारत की तेज़ और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया की सराहना करते हुए अमेरिका की धीमी मतगणना प्रणाली पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारत में एक ही दिन में 64 करोड़ वोटों की गिनती पूरी करना अद्वितीय है, जबकि कैलिफोर्निया जैसे अमेरिकी राज्य अभी भी राष्ट्रपति चुनाव के वोट गिन रहे हैं। मस्क ने भारतीय चुनावों की दक्षता को अनुकरणीय बताते हुए अमेरिकी प्रणाली को धीमी और जटिल कहा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की मतगणना हाल ही में पूरी हुई है, और अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति चुनावों की प्रक्रिया अभी तक अधूरी है।
Tragic https://t.co/K7pjfWhg6D
— Elon Musk (@elonmusk) November 24, 2024
भारत की चुनाव प्रणाली पर मस्क का नजरिया
Elon Musk ने भारतीय चुनाव प्रक्रिया पर आधारित एक लेख का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए “एक दिन में 640 मिलियन वोटों की गिनती” को असाधारण बताया। उन्होंने इसे अमेरिका की मतगणना प्रणाली के लिए एक प्रेरणा माना। मस्क ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत ने एक दिन में 640 मिलियन वोट गिने। कैलिफोर्निया अभी भी गिनती कर रहा है।”
झारखंड और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की मतगणना 23 नवंबर को पूरी हुई। महाराष्ट्र में भाजपा ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि झारखंड में हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने 33 सीटों पर कब्जा जमाया।
India counted 640 million votes in 1 day.
California is still counting votes 🤦♂️ https://t.co/ai8JmWxas6
— Elon Musk (@elonmusk) November 24, 2024
अमेरिकी प्रणाली पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों की मतगणना अभी तक चल रही है। कैलिफोर्निया में लगभग 5.7 लाख मतपत्रों की गिनती बाकी है। राज्य में अधिकतर मतदान डाक द्वारा होता है, जिससे मतगणना में अधिक समय लगता है। इसके विपरीत, भारत में चुनाव आयोग पारदर्शिता के साथ वास्तविक समय में मतगणना और रुझान प्रस्तुत करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय चुनाव प्रणाली, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और केंद्रीकृत आंकड़े प्रणाली शामिल है, अमेरिका की जटिल प्रक्रिया की तुलना में अधिक प्रभावी है।
भारत और अमेरिका की प्रणाली में अंतर
भारत में मतगणना के आंकड़े चुनाव आयोग द्वारा जारी किए जाते हैं, जबकि अमेरिका में यह जिम्मेदारी समाचार एजेंसियों और मीडिया आउटलेट्स पर निर्भर है। इसके अलावा, मेल-इन बैलट और प्रक्रिया की जटिलताएं अमेरिकी प्रणाली को धीमा बनाती हैं।
Elon Musk की टिप्पणी ने वैश्विक स्तर पर चर्चा छेड़ दी है कि क्या विकसित देशों को भी भारत जैसे बड़े और जटिल लोकतंत्र से सीखना चाहिए।