Site icon News1India

Europe Heatwave: यूरोप में रिकॉर्डतोड़ गर्मी का कहर, फ्रांस में हुई हज़ारों मौतें; जर्मनी में जंगलों में लगी आग

Europe Heatwave: यूरोप में पिछले सप्ताह पड़ी रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। फ्रांस में भीषण हीटवेव के कारण करीब 1,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हुई है, जबकि जर्मनी में तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए और कई इलाकों में जंगलों में आग भड़क उठी। बढ़ती गर्मी के चलते आपातकालीन सेवाओं पर भारी दबाव देखा गया और कई देशों में परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

फ्रांस में तीन दिनों में बढ़ीं मौतें

फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, गर्मी के चरम के दौरान मौतों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार को, जब देश में अब तक का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया, उस दिन 1,200 से अधिक लोगों की मौत हुई। इसके बाद अगले दो दिनों में रोजाना 1,400 से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। एजेंसी का अनुमान है कि इन तीन दिनों में सामान्य स्तर की तुलना में कम से कम 1,000 अतिरिक्त मौतें हुई हैं।

बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

सबसे अधिक असर उन क्षेत्रों में देखा गया जहां रेड अलर्ट जारी किया गया था। गर्मी के चरम के दौरान फ्रांस का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा हीटवेव की चपेट में था। मरने वालों में करीब 85 प्रतिशत लोग 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। अधिकारियों का कहना है कि घरों में हुई मौतों का पूरा आंकड़ा अभी जुटाया जा रहा है।

जर्मनी में तापमान ने तोड़े रिकॉर्ड

जर्मनी में दिन और रात दोनों के तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए। पूर्वी सैक्सनी के कुबशिट्ज़ में रात का तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गया, जबकि सैक्सनी-एनहाल्ट के मैकर्न-ड्रेविट्ज़ में दिन का तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी बर्लिन में लोगों को राहत देने के लिए पुलिस ने ब्रैंडेनबर्ग गेट के पास वॉटर कैनन से पानी की बौछार की।

जंगल की आग और परिवहन पर असर

भीषण गर्मी के कारण पूर्वी जर्मनी के कई इलाकों में जंगलों में आग लग गई। कई क्षेत्रों में दूसरे विश्व युद्ध के समय के बिना फटे गोला-बारूद होने के कारण आग बुझाने का काम जोखिम भरा हो गया। वहीं, हाईवे की कंक्रीट सड़कें टूटने लगीं और रेल ट्रैक प्रभावित होने से ट्रेनों व ट्राम सेवाओं में भी बाधा आई।

क्लाइमेट चेंज से जुड़ी चेतावनी

ग्रीस में जंगलों में आग का खतरा बढ़ गया है, जबकि डेनमार्क में रिकॉर्ड गर्मी के बाद तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन की एक स्टडी के अनुसार, इस तरह की चरम गर्मी जलवायु परिवर्तन के बिना लगभग असंभव थी और अब इसकी संभावना पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुकी है।

Exit mobile version