Hormuz Strait Attack: होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कमर्शियल जहाज पर हुए ईरानी हमले में भारतीय मरीन इंजीनियर हेरंब करमरकर की मौत हो गई। पुणे निवासी हेरंब जहाज GFX Galaxy पर तैनात थे और ओमान के तट के पास यह हमला हुआ। हादसे से कुछ समय पहले उन्होंने अपने परिवार को एक संदेश भेजा था, जिसमें बताया था कि जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है। परिवार के लिए यही उनका आखिरी संदेश साबित हुआ। इस दुखद खबर ने उनके परिजनों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है। घटना के बाद भारत सरकार भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जहाज पर कई भारतीय सवार थे
हमले के समय मर्चेंट जहाज GFX Galaxy पर कई भारतीय नागरिक मौजूद थे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, जहाज पर सवार 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक व्यक्ति कुछ समय तक लापता बताया गया था। बाद में बुधवार को हेरंब करमरकर के परिवार ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है और यहां बढ़ते तनाव का असर वैश्विक समुद्री परिवहन पर भी पड़ रहा है।
परिवार ने शव स्वदेश लाने की लगाई गुहार
हेरंब करमरकर के ससुर ने भारत सरकार से अपील की है कि उनके शव को सम्मानपूर्वक भारत लाया जाए ताकि अंतिम संस्कार परिवार की मौजूदगी में किया जा सके। वहीं भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने पर गंभीर चिंता जताई है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि वह ओमान के अधिकारियों, जहाज प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों के लगातार संपर्क में है। दूतावास ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित भारतीयों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
लगातार बढ़ रहे हमलों से बढ़ी चिंता
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मंगलवार को भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो अन्य जहाजों पर ईरान की ओर से हमला किया गया था, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हुई थी। इस घटना के बाद भारत सरकार ने ईरान के डिप्टी एंबेसडर को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। फिलहाल भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मृतक हेरंब करमरकर के पार्थिव शरीर को जल्द स्वदेश लाने के प्रयासों में जुटी हुई है।









