Indian Embassy Advisory: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने एक बार फिर अपनी पुरानी सलाह दोहराते हुए कहा है कि भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान की यात्रा करने से बचें। इसके साथ ही ईरान में रह रहे भारतीयों से भी कहा गया है कि वे स्थिति पर लगातार नजर रखें और जो भी सुरक्षित साधन उपलब्ध हो, उसके जरिए जल्द से जल्द देश से बाहर निकलने की कोशिश करें।
हमलों के बाद बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव
पश्चिम एशिया में हालात उस समय और गंभीर हो गए, जब ईरान और इजरायल के बीच एक-दूसरे पर हमले हुए। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर ईरान पहले से नाराज था। इसी बीच दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया।
इजरायल ने मिसाइलें रोकने का किया दावा
इजरायली सेना का कहना है कि सोमवार सुबह ईरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया। सेना के मुताबिक, किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए।

कई शहरों में धमाकों की खबर
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान, तबरीज और इस्फहान सहित कई शहरों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इन हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा है कि इजरायल ने इन हमलों में एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
पेट्रोकेमिकल प्लांट भी बना निशाना
इजरायली रक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के महशहर क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला किया। ईरानी मीडिया का कहना है कि इस हमले से प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में औद्योगिक और सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन हालात को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।
सुरक्षा कैबिनेट की बैठक पर नजर
बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में केवल वरिष्ठ मंत्री और सुरक्षा मामलों से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि बैठक में ईरान के हमलों, इजरायल की जवाबी कार्रवाई और आगे की सैन्य रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पूरे क्षेत्र में हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
