अमेरिका की ओर से कुछ समय के लिए प्रतिबंधों में राहत मिलने के बाद ईरान अब अपने कच्चे तेल की बिक्री तेज करना चाहता है। इसी वजह से कई बिचौलियों ने भारत की तेल रिफाइनिंग कंपनियों से संपर्क किया है। उन्होंने भारतीय रिफाइनरों को बाजार भाव से कम कीमत पर ईरानी कच्चा तेल खरीदने का प्रस्ताव दिया है। माना जा रहा है कि ईरान ज्यादा से ज्यादा खरीदार जोड़कर अपने तेल निर्यात को बढ़ाना चाहता है।
भारतीय कंपनियों को मिला ऑफर
जानकारी के अनुसार, यह प्रस्ताव सीधे ईरान की तरफ से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बिचौलियों के जरिए भारतीय कंपनियों तक पहुंचाया गया है। इन बिचौलियों का कहना है कि अगर भारतीय रिफाइनर ईरानी तेल खरीदते हैं, तो उन्हें अच्छी छूट मिल सकती है। हालांकि, इस तरह का कोई भी फैसला भारत की कंपनियां सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों और सरकारी नीतियों को ध्यान में रखकर ही लेंगी।
प्रतिबंधों का रहा है असर
पिछले कुछ वर्षों से ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध लागू हैं। इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान का तेल निर्यात काफी प्रभावित हुआ था। भारत ने भी पहले ईरान से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया था। अब जब कुछ समय के लिए प्रतिबंधों में राहत मिली है, तो ईरान फिर से पुराने ग्राहकों के साथ कारोबार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
भारत के लिए क्या हो सकता है फायदा
अगर भारतीय रिफाइनरों को कम कीमत पर कच्चा तेल मिलता है, तो इससे उनकी खरीद लागत कम हो सकती है। सस्ता कच्चा तेल मिलने से भविष्य में ईंधन की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय हालात, सरकारी नीतियों और प्रतिबंधों की स्थिति को देखकर ही लिया जाएगा।
आगे क्या रहेगा अहम
फिलहाल भारतीय कंपनियों की ओर से इस प्रस्ताव को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि भारत की रिफाइनिंग कंपनियां इस प्रस्ताव में कितनी रुचि दिखाती हैं। साथ ही अमेरिका की आगे की नीति भी इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि प्रतिबंधों में फिर बदलाव होता है, तो इसका असर भारत और ईरान के बीच तेल कारोबार पर भी पड़ सकता है।
