Japan Successfull Tests Reusable Rocket: जापान ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA (Japan Aerospace Exploration Agency) ने पहली बार अपने री-यूजेबल यानी दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले रॉकेट के प्रोटोटाइप का सफल लॉन्च और लैंडिंग टेस्ट पूरा किया है। यह रॉकेट करीब 10 मीटर की ऊंचाई तक गया और फिर सुरक्षित तरीके से जमीन पर वापस उतर आया। इस सफल परीक्षण के साथ जापान उन देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने री-यूजेबल रॉकेट तकनीक की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
वैज्ञानिकों ने जताई खुशी
यह परीक्षण जापान के अकिता प्रीफेक्चर के नोशिरो शहर स्थित टेस्ट सेंटर में किया गया। इस परियोजना का नेतृत्व वैज्ञानिक ताकाशी इटो ने किया। सफल टेस्ट के बाद उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि अब इस परीक्षण से मिले सभी आंकड़ों का विस्तार से विश्लेषण किया जाएगा। उनका कहना है कि इस डेटा की मदद से भविष्य में ऐसे रॉकेट विकसित किए जाएंगे, जिन्हें कई बार सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल किया जा सके। इससे जापान की अंतरिक्ष तकनीक को नई मजबूती मिलेगी।
क्या होता है री-यूजेबल रॉकेट?
सामान्य रॉकेट एक बार लॉन्च होने के बाद दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। उनका पहला चरण या तो समुद्र में गिर जाता है, वायुमंडल में जल जाता है या फिर अंतरिक्ष में मलबा बन जाता है। इसके विपरीत, री-यूजेबल रॉकेट का पहला हिस्सा सुरक्षित रूप से धरती पर वापस लौट आता है। इसी हिस्से को दोबारा तैयार करके अगले मिशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। चूंकि रॉकेट का पहला चरण सबसे महंगा होता है, इसलिए उसका दोबारा उपयोग करने से लॉन्च की लागत काफी कम हो जाती है।
कम होगी अंतरिक्ष मिशनों की लागत
री-यूजेबल रॉकेट तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इससे अंतरिक्ष मिशनों पर होने वाला खर्च काफी घट जाता है। यही वजह है कि दुनिया की कई अंतरिक्ष एजेंसियां और निजी कंपनियां इस तकनीक को विकसित करने में जुटी हैं। एलन मस्क की कंपनी SpaceX का प्रसिद्ध Falcon 9 रॉकेट इसी तकनीक का इस्तेमाल करता है। इस रॉकेट के पहले चरण को कई बार उड़ाया जा चुका है, जिससे अंतरिक्ष मिशन पहले की तुलना में काफी सस्ते और तेज हो गए हैं।
कई देश कर रहे हैं तैयारी
री-यूजेबल रॉकेट तकनीक को भविष्य की अंतरिक्ष उड़ानों की सबसे अहम तकनीकों में माना जा रहा है। फिलहाल अमेरिका की SpaceX और Blue Origin इस क्षेत्र में सबसे आगे हैं। चीन भी री-यूजेबल रॉकेट के सफल लॉन्च और लैंडिंग का प्रदर्शन कर चुका है। अब जापान ने भी इस दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर ली है। इसके अलावा जापान की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी के साथ-साथ कई निजी कंपनियां भी इस तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं। पिछले साल Honda की एक सहयोगी कंपनी भी री-यूजेबल रॉकेट का सफल परीक्षण कर चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक अंतरिक्ष यात्रा को पहले से कहीं अधिक सस्ता और आसान बना सकती है।









