University Donation: माइकल डेल ने किस यूनिवर्सिटी को दिया 75 करोड़ डॉलर का बड़ा दान, छात्रों की शिक्षा को मिलेगी नई ताकत

माइकल डेल ने टेक्सास विश्वविद्यालय ऑस्टिन को 75 करोड़ डॉलर का दान दिया है। इस राशि से AI आधारित अस्पताल, मेडिकल रिसर्च, छात्रवृत्तियां और आधुनिक शिक्षा सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे छात्रों और स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।

Michael Dell Donation: दुनिया की मशहूर टेक कंपनी डेल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक माइकल डेल ने अमेरिका की एक सार्वजनिक यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का बड़ा दान दिया है। इस रकम का इस्तेमाल आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अस्पताल और मेडिकल रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसे अमेरिका के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के इतिहास में मिले सबसे बड़े निजी दानों में से एक माना जा रहा है।

यूनिवर्सिटी को मिला ऐतिहासिक सहयोग

माइकल डेल ने टेक्सास विश्वविद्यालय ऑस्टिन (The University of Texas at Austin) को यह विशेष आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस धनराशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इस नए दान के बाद माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान डेल द्वारा विश्वविद्यालय को दी गई कुल सहायता 1 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है। यह योगदान विश्वविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

AI अस्पताल बनेगा नई पहचान

इस बड़ी राशि का सबसे अहम हिस्सा एक आधुनिक मेडिकल और रिसर्च कैंपस तैयार करने में खर्च किया जाएगा। विश्वविद्यालय का कहना है कि यहां ऐसा अस्पताल बनाया जाएगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का व्यापक उपयोग होगा। AI की मदद से डॉक्टर बीमारियों की जल्दी पहचान कर सकेंगे और मरीजों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर इलाज की योजना बना पाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई दिशा देने का काम करेगी।

छात्रों और शोध को मिलेगा फायदा

दान की गई रकम सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगी। इसका उपयोग छात्रवृत्तियां देने, मेडिकल रिसर्च कार्यक्रमों को मजबूत करने और आधुनिक कंप्यूटिंग सुविधाएं विकसित करने में भी किया जाएगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य भविष्य के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है। इससे हजारों छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा और शोध के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही चिकित्सा विज्ञान में नई खोजों और नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा।

यूनिवर्सिटी से जुड़ी है खास याद

माइकल डेल का इस विश्वविद्यालय से पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने वर्ष 1983 में यहां प्री-मेडिकल छात्र के रूप में दाखिला लिया था। उनके माता-पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन उनकी जिंदगी ने अलग रास्ता चुन लिया। पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने छात्रावास के कमरे से कंप्यूटर अपग्रेड किट बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया। केवल 1,000 डॉलर की शुरुआती पूंजी से शुरू हुआ यह प्रयास आगे चलकर दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल डेल टेक्नोलॉजीज बन गया।

छात्रावास से शुरू हुई सफलता की कहानी

कॉलेज के दिनों में शुरू किए गए इस कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए माइकल डेल ने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। वर्ष 1984 में शुरू हुई उनकी कंपनी ने तेजी से सफलता हासिल की और उन्हें दुनिया के बड़े उद्योगपतियों की सूची में शामिल कर दिया। उनकी उपलब्धियों और योगदान को सम्मान देने के लिए विश्वविद्यालय ने हाल ही में घोषणा की है कि जिस छात्रावास में माइकल डेल अपने पहले वर्ष में रहते थे, उसका नाम बदलकर “डेल हाउस” रखा जाएगा। यह फैसला उनकी प्रेरणादायक यात्रा को सम्मान देने की दिशा में एक खास कदम माना जा रहा है।

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