Nepal Trishuli River Flood: त्रिशूली नदी में अचानक आए भयावह सैलाब ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। एक स्कूल में मौजूद छात्रों ने बताया कि बाढ़ का खतरा देखते ही शिक्षक चिल्लाकर बच्चों से भागने को कहने लगे। डर के कारण कुछ छात्र पैनिक अटैक का शिकार हो गए और बेहोश तक हो गए। छात्रों के मुताबिक, उस समय का माहौल इतना डरावना था कि घटना के बाद भी उनके अंदर खौफ बना हुआ है।
घर में घुसा मलबा
68 वर्षीय केशव प्रसाद बराल उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने इस आपदा में अपना सब कुछ खो दिया। अस्पताल के बिस्तर पर पड़े केशव की आंखों के सामने वह भयावह मंजर अब भी घूम रहा है। उन्होंने बताया कि अचानक कीचड़ और मलबे का विशाल सैलाब उनके घर की ओर बढ़ने लगा। जैसे-जैसे वह करीब आया, उसकी ऊंचाई बढ़ती गई। केशव ने अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर उन्हें छत पर ले जाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में उनका हाथ छूट गया और उनकी पत्नी मलबे के साथ बह गईं।
चार घंटे इंतजार
केशव के मुताबिक, पत्नी को बचाने की कोशिश के बाद वह खुद किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। करीब चार-पांच घंटे बाद एक हेलीकॉप्टर वहां पहुंचा और उन्हें सुरक्षित निकाला गया। लेकिन उनकी पत्नी का अब तक कोई पता नहीं है। केशव का कहना है कि उनकी पत्नी मलबे के नीचे कहीं दबी हुई हैं। अपनी आंखों के सामने जीवनसाथी को खोने का दर्द उनके लिए शब्दों में बयान करना मुश्किल है। अस्पताल में इलाज के दौरान भी वह उस भयावह पल को भूल नहीं पा रहे हैं।
आंखों के सामने परिवार
नुवाकोट जिले की कार्पना मल्ला की कहानी भी इस त्रासदी की भयावहता दिखाती है। कार्पना ने बताया कि उनकी आंखों के सामने उनका पूरा परिवार बाढ़ के तेज बहाव में बह गया। उनके पिता, मां, बहन और बहन के बच्चे इस आपदा में उनसे हमेशा के लिए बिछड़ गए। कार्पना के मुताबिक, बाढ़ इतनी तेजी से आई कि परिवार के सदस्यों को खुद को बचाने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस सैलाब ने उनसे सब कुछ छीन लिया।
छत पर मिली जिंदगी
कार्पना और उनका बेटा सुगम किसी तरह एक घर की छत तक पहुंच गए और अपनी जान बचाने में सफल रहे। सुगम ने बताया कि उसने अपनी मां का हाथ पकड़ा और उन्हें सुरक्षित ऊपर पहुंचाया। लेकिन इस दौरान परिवार का एक और सदस्य लापता हो गया। सुगम ने मदद के लिए फोन करने के उद्देश्य से अपना मोबाइल अपनी बहन को दिया था। अब उसकी बहन का फोन बंद आ रहा है और उसका कोई पता नहीं चल पाया है। परिवार के लिए यह उम्मीद और चिंता का सबसे मुश्किल दौर है।
हर तरफ तबाही
त्रिशूली नदी की बाढ़ ने केवल कुछ परिवारों को ही प्रभावित नहीं किया, बल्कि पूरे इलाके के जनजीवन को बुरी तरह झकझोर दिया। बाढ़ के साथ आए पानी और मलबे ने स्कूलों, घरों, बाजारों, हाइड्रोपावर प्लांट, पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचाया। कई लोग लापता हैं, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। इस आपदा के बाद सामने आ रही कहानियां बताती हैं कि कुछ लोगों ने अपनी आंखों के सामने घर उजड़ते देखे तो कुछ ने अपने परिवार के सदस्यों को हमेशा के लिए खो दिया।
