PM Modi’s Digital Influence:प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोशल मीडिया की दुनिया में एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल ने 30 मिलियन यानी 3 करोड़ सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही वह दुनिया के सबसे ज्यादा सब्सक्राइब किए जाने वाले नेता बन गए हैं। यह उपलब्धि सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह बताती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पकड़ कितनी मजबूत है। उनके चैनल पर 33 हजार से ज्यादा वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें देश और विदेश में करोड़ों लोग देखते हैं।
दूसरे नेताओं से कितना आगे?
ताजा रैंकिंग के अनुसार, पीएम मोदी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे हैं। ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति Jair Bolsonaro इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं, लेकिन उनके सब्सक्राइबर पीएम मोदी के मुकाबले लगभग एक चौथाई ही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के यूट्यूब पर करीब 4 मिलियन सब्सक्राइबर हैं, जो मोदी के मुकाबले सात गुना कम हैं।
इसके अलावा ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva के 1.6 मिलियन, यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy के 1.4 मिलियन, अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति Nayib Bukele के 5.79 लाख, फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के 3.91 लाख और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के करीब 1.58 लाख सब्सक्राइबर हैं।
भारत में भी सबसे आगे
भारतीय राजनीति में भी यह अंतर साफ दिखाई देता है। पीएम मोदी के यूट्यूब सब्सक्राइबर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से लगभग तीन गुना ज्यादा हैं। साथ ही, उनके सब्सक्राइबर Aam Aadmi Party और Indian National Congress के अलग-अलग कुल फॉलोअर्स से भी कई गुना अधिक बताए जा रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर भी नंबर वन
सिर्फ यूट्यूब ही नहीं, पीएम मोदी इंस्टाग्राम पर भी दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनेता हैं। उनकी पोस्ट, रील और संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचते हैं।यह दिखाता है कि वे अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो, तस्वीर और लाइव सेशन के जरिए वह सीधे लोगों से जुड़ते हैं।
डिजिटल राजनीति का नया दौर
आज के दौर में सोशल मीडिया राजनीतिक संवाद का अहम माध्यम बन चुका है। पीएम मोदी ने इसे समझते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म को संवाद का मजबूत जरिया बनाया है। उनकी डिजिटल मौजूदगी अब वैश्विक राजनीति में एक उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है। यह 21वीं सदी में नेताओं और जनता के बीच सीधे संपर्क के नए मॉडल को दर्शाती है।
