Strait of Hormuz पार करने जहाजों को देना होगा 20% टैक्स – ट्रंप, अमेरिका के दावों से वैश्विक व्यापार पर संकट मंडराया

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के दावों से तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने सुरक्षा की बात कही, जबकि ईरान ने समुद्री मार्ग बंद करने का दावा किया। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता बढ़ी है।

Iran Tension Over Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में पिछले कई महीनों से जारी तनाव अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रहे टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावों ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप का बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य हर हाल में खुला रहेगा और अमेरिका इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का “रखवाला” बनेगा। ट्रंप के अनुसार, ईरान से जुड़े जहाजों और उनके ग्राहकों पर प्रतिबंध लगाए जाएंगे, जबकि अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही जारी रहेगी।

सुरक्षा के बदले शुल्क की बात

ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर भारी खर्च आता है। इसलिए अब यहां से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों से उनके माल के मूल्य के आधार पर 20 प्रतिशत शुल्क लेने की व्यवस्था लागू की जा सकती है। उनका कहना है कि इस राशि का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जाएगा। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अभी कोई अंतरराष्ट्रीय सहमति सामने नहीं आई है।

ईरान का जवाब

ट्रंप के बयान के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी दावा किया गया। ईरान से जुड़े एक संगठन ने सोशल मीडिया पर कहा कि सुरक्षा कारणों से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि फिलहाल जहाजों की आवाजाही सीमित रहेगी और आगे की स्थिति हालात सामान्य होने पर तय की जाएगी। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा असर डाल सकता है।

दुनिया की बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर दोनों देशों के अगले कदम और कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई है।

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