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US Lifts Sanctions: रूस से जुड़े आरोपों के बाद लगी पाबंदियां खत्म, भारतीय कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबार के नए रास्ते खुले

US Lifts Sanctions From Indian Firms

US Lifts Sanctions From Indian Firms: भारत के लिए एक अच्छी कूटनीतिक और कारोबारी खबर सामने आई है। अमेरिका ने रूस से जुड़े कारोबारी लेनदेन के आरोपों में प्रतिबंधित की गई चार भारतीय कंपनियों को अपनी प्रतिबंध सूची से हटा दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अब इन कंपनियों के नाम अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं हैं। पहले इन कंपनियों पर रूस के सैन्य और औद्योगिक क्षेत्र को तकनीकी उपकरण और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए थे।

इन कंपनियों को मिला फायदा

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार जिन भारतीय कंपनियों को राहत मिली है, उनमें हैदराबाद की आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, लोकेश मशीन्स लिमिटेड, अहमदाबाद की गैलेक्सी बियरिंग्स लिमिटेड और नई दिल्ली की शौर्य एरोनॉटिक्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन सभी कंपनियों के नाम अब अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) की प्रतिबंध सूची से हटा दिए गए हैं। इससे इन कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय कारोबार करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है।

इन आरोपों के कारण लगी थी पाबंदी

गैलेक्सी बियरिंग्स पर आरोप था कि उसने रूस से जुड़ी संस्थाओं को रोलर बियरिंग्स, रोलर असेंबली और ऐसे उत्पादों का निर्यात किया था, जिनका इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों क्षेत्रों में किया जा सकता है। वहीं, शौर्य एरोनॉटिक्स पर रूस को रडार सिस्टम, रेडियो नेविगेशन उपकरण, रिमोट कंट्रोल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए थे। अब इन दोनों कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंधों से पूरी राहत मिल गई है।

आरआरजी और लोकेश मशीन्स को भी मिली राहत

आरआरजी इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजीज पर रूस की एक कंपनी को माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उत्पाद भेजने का आरोप था। वहीं, लोकेश मशीन्स लिमिटेड पर रूस की कई विनिर्माण कंपनियों को मशीन टूल्स उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया था। इन आरोपों के आधार पर अमेरिका ने पहले इन कंपनियों पर कार्रवाई की थी। अब दोनों कंपनियों को भी प्रतिबंध सूची से बाहर कर दिया गया है।

भारत-अमेरिका संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। दोनों देश व्यापार और निवेश बढ़ाने पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय कंपनियों से प्रतिबंध हटाना दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। इससे संबंधित कंपनियों के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं और भविष्य में भारत-अमेरिका व्यापारिक सहयोग को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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