Kanpur news : बारात में जश्न का माहौल बदला मातम में,घोड़े की लात से बच्चे की दर्दनाक मौत

कानपुर में एक 6 साल के बच्चे कृष्णा की शादी में नाचते वक्त घोड़े की लात से मौत हो गई। यह दुखद घटना सुरक्षा की कमी को उजागर करती है, खासकर जब जानवर शामिल हों। यह घटना यह याद दिलाती है कि सुरक्षा उपायों को मजबूत करना जरूरी है।

child dies in wedding procession

 child dies in wedding procession : कानपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक 6 साल के लड़के कृष्णा की मौत हो गई। वह शादी के जश्न में नाच रहा था, तभी बारात में शामिल घोड़े ने उसे इतनी जोर से लात मारी कि वह हवा में उछलकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कृष्णा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इस घटना ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया।

घटना का विवरण

यह घटना कानपुर के हनुमंत विहार क्षेत्र के ठाकुर चौक की है। शादी की बारात में लोग मस्ती कर रहे थे, और घोड़ा भी नाच रहा था। कृष्णा, नाचते हुए घोड़े के पास गया और उसे लात मारी गई। इस हादसे का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ और वायरल हो गया।

परिवार का रिएक्शन और पुलिस की जांच

कृष्णा के पिता, सुरेश चंद्र गुप्ता, जो ई-रिक्शा चलाते हैं, इस अप्रत्याशित नुकसान से गहरे सदमे में हैं। बच्चे को पहले करहारी के एक निजी अस्पताल में और फिर साकेत नगर और सर्वोदय नगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पुष्टि की कि घोड़े की लात से बच्चे को चोटें आईं थीं।

अधिकारियों और कानूनी कार्रवाई

हालांकि परिवार ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई और पोस्टमॉर्टम से मना कर दिया, पुलिस ने आश्वासन दिया कि अगर परिवार शिकायत दर्ज करना चाहे तो कार्रवाई की जाएगी।

अतिरिक्त डीसीपी महेश कुमार ने पुष्टि की कि मौत का कारण घोड़े की लात थी, लेकिन परिवार की तरफ से कोई और शिकायत नहीं आई। स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही है।

सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा की अहमियत

यह दिल दहला देने वाली घटना यह याद दिलाती है कि सार्वजनिक आयोजनों में, खासकर जब जानवर शामिल होते हैं, सुरक्षा उपायों की अहमियत है। घोड़े की ठीक से देखरेख न होने और लोगों के पास रहने की वजह से यह हादसा हुआ। भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की जरूरत है।

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