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Kanpur Stampede: 16 रुपये की सेल में रईस- सलमान की रिमांड खारिज, विवेचक पर कार्रवाई के आदेश

कानपुर के अनवरगंज स्थित आलम मार्केट में 15 अगस्त की रात 16 रुपये की सेल के दौरान हुई भगदड़ के मामले में कोर्ट ने रईस आलम और उसके भाई सलमान की पुलिस रिमांड याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि दर्ज धाराओं में सजा सात साल से कम है। हाईकोर्ट की रूलिंग का हवाला देते हुए विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश भी पुलिस कमिश्नर को दिए गए हैं।

बर्थडे ऑफर

आलम मार्केट में रईस आलम का आलम मार्ट नाम से कपड़ों का शोरूम है। 16 अगस्त को जन्मदिन के मौके पर सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से ऑफर के वीडियो बनवाकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पोस्ट कराए गए थे। वीडियो में बताया गया था कि 15 अगस्त की रात 11:59 बजे से सिर्फ 16 मिनट तक कपड़े और अन्य सामान 16 रुपये में दिए जाएंगे। रईस ने इसे बर्थडे का रिटर्न गिफ्ट बताते हुए कहा था कि इस बार का ऑफर पूरे शहर में बवाल मचा देगा।

ऑफर से भीड़

वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग आलम मार्ट पहुंचने लगे। रात करीब साढ़े 11 बजे तक शोरूम के बाहर 2500 से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ बढ़ती देखकर दुकान का शटर गिरा दिया गया। इससे लोग नाराज हो गए और हंगामा शुरू हो गया। आसपास की सड़क पर जाम लग गया और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

लाठीचार्ज से भगदड़

हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां पटकनी शुरू कीं। इसके बाद भगदड़ मच गई और कई लोग गिरकर घायल हो गए। कुछ लोगों के पुलिस की लाठी से घायल होने की भी बात सामने आई। पुलिस ने रईस, सलमान और मो. आलम के खिलाफ सेवन सीएलए, शांतिभंग और दूसरों की जान को खतरे में डालने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

कोर्ट में सुनवाई

पुलिस ने रईस और सलमान को गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया था। दोनों के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि आरोपित धाराओं में सात साल से कम सजा का प्रावधान है, इसलिए पुलिस रिमांड नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने दलील पर विचार करते हुए पुलिस की रिमांड याचिका निरस्त कर दी।

मुचलके पर रिहाई

कोर्ट ने दोनों भाइयों को 50-50 हजार रुपये के निजी बंधपत्र पर छोड़ने का आदेश दिया। साथ ही विवेचक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश पुलिस कमिश्नर को दिए। अब मामले की विवेचना और पुलिस की भूमिका भी जांच के दायरे में रहेगी।

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