Aam Aadmi Party: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने साफ कहा कि अगर पार्टी अपने मूल रास्ते और सिद्धांतों पर कायम रहती, तो शायद यह नौबत नहीं आती। उनके बयान ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहे सियासी संकट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
‘यह पार्टी की गलती है’—अन्ना का सीधा हमला
अन्ना हजारे ने बिना लाग-लपेट के कहा कि नेताओं के पार्टी छोड़ने के पीछे जरूर कोई गंभीर वजह रही होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने और अपने राजनीतिक फैसले लेने की स्वतंत्रता है, लेकिन जब एक साथ इतने बड़े नेता पार्टी छोड़ते हैं, तो यह संगठन के भीतर की कमजोरी को दर्शाता है।
हजारे ने कहा, “अगर पार्टी सही दिशा में चल रही होती और अपने सिद्धांतों पर कायम रहती, तो शायद ये लोग पार्टी नहीं छोड़ते।” उनका यह बयान सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व और उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
राघव चड्ढा समेत सात सांसदों का BJP में जाना बड़ा झटका
शुक्रवार को राघव चड्ढा और छह अन्य राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम ने पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सांसदों ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत अलग गुट बनाकर नई राजनीतिक दिशा चुनने का फैसला किया।
2011 आंदोलन से शुरू हुआ था रिश्ता
अन्ना हजारे और आम आदमी पार्टी का रिश्ता 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़ा है। इसी आंदोलन के दौरान कई युवा चेहरे राजनीति में आए थे, जिनमें राघव चड्ढा भी शामिल थे। उस समय अन्ना के नेतृत्व में चला आंदोलन देश की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हुआ था।अब पार्टी के भीतर हो रहे इस टूटन पर अन्ना की नाराजगी यह दिखाती है कि वे मौजूदा हालात से संतुष्ट नहीं हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।





