Moradabad BLO death: उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ड्यूटी का दबाव घातक साबित हो रहा है। मुरादाबाद जिले के दिलारी ब्लॉक में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत सर्वेश कुमार सिंह (45 वर्ष) ने 30 नवंबर 2025 की सुबह अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनके पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें स्पष्ट रूप से Moradabad SIR अभियान के अत्यधिक दबाव और मानसिक तनाव का उल्लेख है।
परिवार ने आरोप लगाया है कि Moradabad मतदाता सूची अपडेशन के लिए दिए गए अमानवीय टारगेट और लगातार काम के बोझ के कारण ही सर्वेश सिंह ने यह कदम उठाया। वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं। सर्वेश सिंह की मौत, SIR अभियान के दौरान राज्य में तीसरा सुसाइड और कुल छठी मौत का मामला है, जिसने सरकारी कर्मचारियों पर चुनावी ड्यूटी के भारी बोझ पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान कम से कम 5 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की मौत का हृदय विदारक मामला सामने आया है। इनमें लेखपाल सुधीर कुमार कोरी (फतेहपुर) और शिक्षक विपिन कुमार यादव (गोंडा) द्वारा कथित तौर पर ड्यूटी के दबाव में किए गए सुसाइड शामिल हैं, जबकि सर्वेश कुमार गंगवार (बरेली) और विजय कुमार वर्मा (लखनऊ) जैसे कर्मचारियों की मौत हार्ट अटैक/ब्रेन हेमरेज से हुई है।
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मृतकों के परिवार और शिक्षक संघों ने घर-घर सर्वे, फॉर्म डिजिटाइजेशन और कठोर टारगेट पूरा करने के अमानवीय दबाव को इन मौतों का मुख्य कारण बताया है। इन घटनाओं ने सरकारी कर्मचारियों पर चुनाव संबंधी ड्यूटी के बढ़ते मानसिक और शारीरिक बोझ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जान गंवाने वाले 5 बीएलओ: विस्तृत मामले
राज्य के पांच अलग-अलग जिलों से ये मौतें 25 नवंबर से 29 नवंबर 2025 के बीच सामने आई हैं, जिसने बीएलओ ड्यूटी की भयावहता को उजागर किया है।
क्रमांक |
नाम |
जिला |
मौत का कारण |
प्रमुख आरोप/स्थिति |
1 |
सुधीर कुमार कोरी |
फतेहपुर |
सुसाइड (फांसी) |
लेखपाल; शादी से एक दिन पहले सुसाइड नोट में दबाव का ज़िक्र। |
2 |
विपिन कुमार यादव |
गोंडा |
सुसाइड (जहर) |
सहायक अध्यापक; वीडियो में SDM-BDO पर OBC नाम हटाने के टारगेट का आरोप। |
3 |
सर्वेश कुमार गंगवार |
बरेली |
हार्ट अटैक |
शिक्षक; ड्यूटी के दौरान निधन; पत्नी का पहले ही निधन, 5 वर्षीय जुड़वां बच्चे अनाथ। |
4 |
रंजू दुबे |
देवरिया |
तबीयत बिगड़ना |
शिक्षामित्र; पति ने टारगेट मीटिंग के दबाव को कारण बताया। |
5 |
विजय कुमार वर्मा |
लखनऊ |
ब्रेन हेमरेज |
ड्यूटी के अत्यधिक दबाव से तनाव की पुष्टि। |
दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई
मृतकों के परिजनों ने एक सुर में प्रशासन पर अमानवीय लक्ष्यों को थोपने और उन्हें पूरा न करने पर सजा की धमकी देने का आरोप लगाया है।
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मानसिक प्रताड़ना: शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें देर रात तक फॉर्म भरने, 3 बार घर दस्तक देने और त्रुटिपूर्ण डिजिटल सत्यापन को पूरा करने का दबाव था।
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राजनीतिक आरोप: गोंडा के विपिन यादव के मामले में, वायरल वीडियो में OBC मतदाताओं के नाम हटाने के विशिष्ट टारगेट का आरोप सामने आया, जिससे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।
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प्रशासनिक प्रतिक्रिया: सभी मामलों में जिलाधिकारियों (DM) ने जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, बदायूं में 106 बीएलओ का वेतन रोकने और नोएडा में 67 पर FIR जैसे प्रशासनिक कदम बताते हैं कि प्रशासन का मुख्य ध्यान अभी भी टारगेट पूरा करने पर है, न कि कर्मचारियों के कल्याण पर।
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विपक्ष की प्रतिक्रिया: समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने प्रभावित परिवारों को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और इसे “चुनावी घोटाला” करार दिया है।
उत्तर प्रदेश की इन 5 मौतों के साथ, देश के 12 राज्यों में चल रहे SIR अभियान के 22 दिनों में कुल 25 मौतें रिपोर्ट हुई हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनावी ड्यूटी के बोझ को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं।
