Snake Bite: मई, जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में गर्मी और बारिश का मौसम रहता है। जून के बाद मानसून शुरू होते ही सांपों की गतिविधियां तेजी से बढ़ जाती हैं। इस दौरान ग्रामीण ही नहीं, शहरों में भी सांपों के दिखाई देने और काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, भारत में कई तरह के सांप पाए जाते हैं। इनमें कुछ बेहद जहरीले सांप ऐसे हैं, जो खासतौर पर रात में ज्यादा सक्रिय रहते हैं। तेज गर्मी में जमीन का तापमान बढ़ने पर ये ठंडी जगहों की तलाश में बाहर निकल आते हैं। वहीं, बारिश के दौरान इनके बिलों में पानी भर जाने से ये घरों और आसपास की सुरक्षित जगहों में पहुंच जाते हैं।
ये पांच सांप सबसे ज्यादा खतरनाक
कॉमन करैत
इसे भारत का सबसे खतरनाक रात्रिचर सांप माना जाता है। यह दिनभर छिपा रहता है और रात में शिकार की तलाश में निकलता है। कई बार यह घरों के अंदर आकर जमीन पर सो रहे लोगों के पास पहुंच जाता है। इसके काटने पर शुरुआत में दर्द भी महसूस नहीं होता, लेकिन इसका जहर सांस लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
रसेल्स वाइपर
यह सांप बारिश के मौसम में खेतों और घास वाले इलाकों में ज्यादा दिखाई देता है। अगर कोई गलती से इसके ऊपर पैर रख दे, तो यह तेजी से हमला करता है। इसका जहर शरीर के अंदर गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
सॉ-स्केल्ड वाइपर (फुरसा)
आकार में छोटा होने के बावजूद यह बहुत खतरनाक माना जाता है। यह रात के समय पत्थरों, लकड़ियों और झाड़ियों से बाहर निकलता है। किसान और खेतों में काम करने वाले लोग अक्सर इसके संपर्क में आ जाते हैं।
मैलाबार पिट वाइपर
यह मुख्य रूप से पश्चिमी घाट और तटीय इलाकों में पाया जाता है। दिन में पेड़ों और झाड़ियों में छिपा रहता है, जबकि रात में शिकार की तलाश में नीचे उतर आता है। इसका रंग आसपास के वातावरण जैसा होने से इसे पहचानना मुश्किल होता है।
बैंडेड करैत
काली और पीली धारियों वाला यह सांप भी रात में ही ज्यादा सक्रिय रहता है। बारिश के मौसम में यह पानी से बचने के लिए घरों, बरामदों और आसपास की जगहों में आ सकता है। खतरा महसूस होने पर यह हमला कर सकता है।
रात में ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
इन महीनों में जमीन पर सोने से बचें और हमेशा चारपाई या बेड का इस्तेमाल करें। मच्छरदानी लगाकर सोना भी सुरक्षित रहता है। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जरूर जलाएं। घर के आसपास उगी घास, झाड़ियां और कबाड़ को समय-समय पर साफ करते रहें, क्योंकि यही सांपों के छिपने की पसंदीदा जगह होती हैं।
अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय बर्बाद न करें। मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि सही समय पर दिया गया एंटी-स्नेक वेनम ही जान बचाने का सबसे प्रभावी इलाज है।
