Lucknow bus accident: लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक भयावह हादसे में डबल डेकर बस में अचानक आग लग गई, जिससे 5 यात्रियों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। दिल्ली से बिहार जा रही इस बस में करीब 60 से अधिक यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि बस महज 10 मिनट में पूरी तरह जल गई। हादसे में सबसे बड़ी लापरवाही इमरजेंसी गेट की निकली, जो समय पर नहीं खुला। इससे पीछे बैठे कई यात्री बस में ही फंस गए। वहीं, ड्राइवर और कंडक्टर आग लगते ही बस से कूदकर भाग निकले।
बस का सफ़र बिहार से दिल्ली का!
इसी बस में लखनऊ के किसान पथ पर जब सुबह लगभग 5 बजे आग लगी, तो 60 यात्रियों को बाहर निकलने के लिए दरवाज़े खोलने में भी दिक्कत।
ड्राइवर-क्लीनर शीशे तोड़कर निकले। पर 5 यात्रियों की जान चली गई।
भीषण गर्मी में इतनी लंबी यात्रा,और यह सुरक्षा? यह व्यवस्था? pic.twitter.com/HtuhQKl3FS— UP Congress Public Grievance Redressal Committee (@upccpg) May 15, 2025
हादसा किसान पथ पर, आग की लपटें एक किलोमीटर दूर तक दिखीं
यह दिल दहला देने वाला हादसा Lucknow के किसान पथ पर तड़के उस वक्त हुआ जब ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। एक यात्री के अनुसार, गियर के पास अचानक स्पार्क हुआ और कुछ ही पलों में बस धुएं और आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उन्हें एक किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था। शोर मचने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कई लोगों को बस से बाहर निकालने में मदद की।
इमरजेंसी गेट बना मौत का जाल, ड्राइवर-कंडक्टर फरार
Lucknow पुलिस जांच में सामने आया कि बस का इमरजेंसी गेट नहीं खुल पाया, जिसके चलते पीछे की सीटों पर बैठे यात्री बस से नहीं निकल सके और जिंदा जल गए। ड्राइवर के कैबिन में एक अतिरिक्त सीट भी लगी थी, जिससे नीचे उतरने का रास्ता और संकरा हो गया था। वहीं, ड्राइवर और कंडक्टर आग लगते ही बिना किसी को बताए मौके से फरार हो गए।
दमकल की छह गाड़ियों ने घंटों में पाया काबू
हादसे की सूचना मिलते ही Lucknow फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बस बागपत जिले की थी और निजी ट्रैवल कंपनी द्वारा चलाई जा रही थी।
जांच के आदेश, यात्रियों में दहशत
पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिकल फॉल्ट से आग लगने की आशंका जताई गई है। इस हादसे ने एक बार फिर बसों में सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।