Lucknow Crime News:राजधानी लखनऊ के आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) में दलालों की सक्रियता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि दफ्तर के बाहर ही नहीं, बल्कि अंदर तक करीब आधा दर्जन दलाल सक्रिय हैं, जो लोगों से पैसे लेकर उनके काम जल्दी कराने का दावा करते हैं। इससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हर काम के लिए तय है ‘रेट’
स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट जैसे कामों के लिए दलालों के अलग-अलग रेट तय हैं। जो काम सामान्य प्रक्रिया से कई दिनों में होता है, उसे ये दलाल कुछ घंटों या एक-दो दिन में कराने का भरोसा देते हैं। इसके बदले में मोटी रकम वसूली जाती है।
आम लोगों को हो रही दिक्कत
जो लोग सीधे आरटीओ दफ्तर जाकर अपना काम करवाना चाहते हैं, उन्हें लंबी कतारों, जटिल प्रक्रियाओं और कभी-कभी अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में मजबूरी में कई लोग दलालों का सहारा लेने लगते हैं, जिससे यह अवैध नेटवर्क और मजबूत होता जा रहा है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर दलाल कैसे सक्रिय हैं। लोगों का कहना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के यह संभव नहीं है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस तरह के आरोपों से इनकार किया जाता रहा है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आम लोगों का सिस्टम पर भरोसा कम हो सकता है।








