Ashiyana Murder Case: लखनऊ के आशियाना इलाके में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने सभी को हैरान कर दिया है। 21 साल के अक्षत ने अपने ही पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में छुपा दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसी ने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी पुलिस में दर्ज कराई, ताकि किसी को उस पर शक न हो।
चालाकी से रचा पूरा खेल
पड़ोसियों के मुताबिक अक्षत काफी तेज दिमाग और चालाक स्वभाव का था। पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले ही मानवेंद्र को बेटे के व्यवहार को लेकर आगाह किया था। लेकिन शायद एक पिता होने के नाते उन्होंने बेटे की कमियों को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि अक्षत पहले भी घर से पैसे और गहने लेकर भाग चुका था। उस समय पुलिस ने उसे कानपुर से पकड़ा था। इसके बावजूद परिवार ने उसे एक और मौका दिया।
लापता होने पर शुरू हुई तलाश
जब मानवेंद्र अचानक लापता हुए, तो परिवार और रिश्तेदारों ने उनकी खोज शुरू कर दी। यहां तक कि एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर उनकी जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। सभी को उम्मीद थी कि वे सुरक्षित मिल जाएंगे। लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि घर के अंदर ही इतना बड़ा राज छुपा है। जब सच्चाई सामने आई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। अक्षत की बहन इस सदमे से उबर नहीं पा रही है और कुछ भी बोलने की हालत में नहीं है।
विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पिता और बेटे के बीच पढ़ाई को लेकर विवाद था। मानवेंद्र चाहते थे कि अक्षत मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करे और परीक्षा दे। लेकिन अक्षत इस बात से सहमत नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि अक्षत ने गुस्से में अपने पिता को गोली मार दी।
लखनऊ के सेंट्रल जोन के पुलिस उपायुक्त विक्रांत वीर के अनुसार, आरोपी बी.कॉम का छात्र है। पढ़ाई और भविष्य को लेकर हुए इस झगड़े ने उसे इतना भड़का दिया कि उसने अपने ही पिता की जान ले ली।
जांच जारी, साक्ष्य जुटाए जा रहे
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। शव से जुड़े सभी सबूतों की फोरेंसिक जांच हो रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी या गुस्से में आकर यह कदम उठाया गया।
यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि घर के अंदर पनप रहे तनाव को समय रहते समझना और सुलझाना कितना जरूरी है।
