Site icon News1India

Mahakumbh 2025 तीनों शंकराचार्य 11:00 बजे करेंगे अमृत स्नान स्थिति सामान्य ,हादसे पर कांग्रेस कर रही राजनीति

Mahakumbh 2025 stampede safety measures

Mahakumbh 2025 stampede safety measures : प्रयागराज में महाकुंभ मेला 2025 के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। मौनी अमावस्या के दिन भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए और कुछ की मौत हो गई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रशासन सभी जरूरी कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु मेला क्षेत्र में हैं और संगम नोज पर भारी दबाव बना हुआ है, जिससे परेशानी हो रही है। पुलिस हर चौराहे पर तैनात है और भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

हादसे पर कांग्रेस कर रही राजनीति

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा की बजाय वीआईपी मूवमेंट पर ज्यादा ध्यान दिया गया, जिससे ऐसी स्थिति पैदा हुई। वह मानते हैं कि प्रशासन को आम श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम करने चाहिए थे।

प्रशासन action mode पर

घायलों को अस्पताल भेजा गया है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
महाकुंभ के दौरान सुरक्षा के इंतजाम और भी सख्त किए गए हैं। बम निरोधक दस्ते को खोजी कुत्तों के साथ तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। त्रिवेणी संगम घाट को भी खाली करवा दिया गया है। पुलिस ने घुड़सवार पुलिस कर्मियों को तैनात कर श्रद्धालुओं को वहां से हटा दिया ताकि घाट पर दबाव कम किया जा सके।

अमृत स्नान की प्रक्रिया स्थगित नहीं

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने बताया कि अब अमृत स्नान की प्रक्रिया स्थगित नहीं की जाएगी। तीनों शंकराचार्य एक साथ 11:00 बजे स्नान करेंगे उन्होंने कहा कि जैसे ही भीड़ कम होगी, अखाड़े पवित्र स्नान के लिए संगम जाएंगे। रवींद्र पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार जुलूस छोटा रखा जाएगा और कोई शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी। यह सब सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।

बाबा रामदेव की अपील

योग गुरु बाबा रामदेव ने श्रद्धालुओं से शांत रहने और ध्यान, प्रार्थना में लगने की अपील की। उनका कहना था कि इस समय धैर्य रखना बेहद जरूरी है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि धर्म का असली मतलब धैर्य है और संगम जाने की जगह नजदीकी घाटों पर स्नान कर सकते हैं क्योंकि संगम का पानी सभी घाटों तक पहुंचता है।
प्रयागराज में स्थिति अब सामान्य हो रही है और प्रशासन ने सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए हैं। हालांकि, भारी भीड़ के कारण कुछ दबाव जरूर बना हुआ है, लेकिन अब स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा चुका है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन और आयोजक पूरी कोशिश कर रहे हैं।

Exit mobile version