Udham Singh Released: यूपी का चिन्हित अपराधी और कुख्यात गैंगस्टर उधम सिंह करीब 4 साल, 8 महीने और 5 दिन बाद जेल से जमानत पर बाहर आ गया है। वह उन्नाव जेल में बंद था और अब उसकी रिहाई के बाद पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
उधम सिंह के बाहर आते ही मेरठ पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। खासकर सरधना इलाके के करनावल, भदौड़ा और आसपास के गांवों में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वह जेल से निकलने के बाद किन लोगों के संपर्क में है।
गैंगवार का खतरा बढ़ा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच पुरानी दुश्मनी रही है। दोनों गैंग पहले भी आमने-सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब जब दोनों ही बाहर हैं, तो किसी भी समय गैंगवार की आशंका बढ़ गई है। इसी वजह से पुलिस ने पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है।
घर नहीं लौटा उधम सिंह
जेल से छूटने के बाद उधम सिंह अपने मेरठ स्थित करनावल गांव नहीं पहुंचा है। उसकी पत्नी पुष्पा का कहना है कि वह फिलहाल घर नहीं आएंगे, क्योंकि यहां कोई झूठी शिकायत कर उन्हें फिर फंसा सकता है। ऐसे में वह बाहर ही कहीं रहने की योजना बना रहे हैं।
उत्तराखंड या पंजाब में ठिकाना
सूत्रों की मानें तो उधम सिंह अपना नया ठिकाना उत्तराखंड या पंजाब में बना सकता है। वहीं, उसका प्रतिद्वंदी योगेश भदौड़ा भी पहले से उत्तराखंड में रह रहा है। इससे पुलिस की चिंता और बढ़ गई है।
रंगदारी मामले में हुई थी गिरफ्तारी
साल 2021 में उधम सिंह ने करनावल स्थित एक बैंक शाखा में जाकर मैनेजर और स्टाफ को धमकाया था और रंगदारी मांगी थी। इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
लंबा आपराधिक इतिहास
उधम सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। उसके खिलाफ करीब 46 मुकदमे दर्ज हैं। उसका गैंग भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसमें 20 से ज्यादा सक्रिय सदस्य बताए जाते हैं। पुलिस पहले भी उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर चुकी है।
करीबियों पर भी नजर
पुलिस अब सिर्फ उधम सिंह ही नहीं, बल्कि उसके करीबियों और गैंग से जुड़े लोगों पर भी नजर रख रही है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।








