Air India AI171 Crash Investigation: अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया AI171 विमान हादसे की जांच को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि इस दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट का मसौदा अक्टूबर 2026 तक तैयार होने की संभावना है। यह जानकारी ब्यूरो ने अदालत में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में दी है। साथ ही, AAIB ने इस मामले में स्वतंत्र न्यायिक जांच या किसी समानांतर जांच समिति के गठन की मांग का विरोध करते हुए कहा कि मौजूदा कानून के तहत विमान दुर्घटनाओं की जांच का अधिकार केवल उसके पास है।
AAIB ने बताया क्यों नहीं बन सकती दूसरी जांच समिति
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में AAIB ने कहा कि भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमान दुर्घटनाओं की जांच के लिए स्पष्ट और मजबूत कानूनी व्यवस्था मौजूद है। इसी व्यवस्था के तहत विमान हादसों की जांच करने का प्राथमिक और विशेष अधिकार केवल AAIB को प्राप्त है। ब्यूरो का कहना है कि जब कानून पहले से जांच की पूरी प्रक्रिया निर्धारित करता है, तब किसी अन्य समिति या समानांतर जांच एजेंसी का गठन कानूनी रूप से उचित नहीं है। AAIB के अनुसार, मौजूदा नियमों में किसी तरह की कमी नहीं है और जांच पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने से किया इनकार
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की रिकॉर्डिंग और उससे जुड़े डेटा को सार्वजनिक करने की मांग की है। हालांकि, AAIB ने इसका भी विरोध किया है। ब्यूरो ने कहा कि विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2025 के नियम 17(5) के तहत कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और उड़ान के दौरान रिकॉर्ड की गई संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इसके अलावा नियम 17(1) और शेड्यूल-सी के तहत इन रिकॉर्डिंग को गोपनीय रखा जाता है ताकि जांच की निष्पक्षता और विमानन सुरक्षा से जुड़े हित प्रभावित न हों।
क्या था एयर इंडिया AI171 हादसा?
यह मामला जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के भीषण हादसे से जुड़ा है। लंदन जा रहा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम समय बाद नियंत्रण खो बैठा और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई थी। वहीं, जमीन पर मौजूद 19 अन्य लोगों ने भी जान गंवाई। इस प्रकार दुर्घटना में कुल 260 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जिसने देश को गहरे सदमे में डाल दिया था।
याचिकाकर्ताओं ने उठाए जांच पर सवाल
इस मामले में मुख्य पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता पुष्कराज सभरवाल और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र और तकनीकी विशेषज्ञों वाली समिति गठित करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि AAIB की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पर्याप्त सबूतों के बिना पायलटों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। उनका आग्रह है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
