Cruise Accident Rescue Story : जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के दौरान वहां काम कर रहे मजदूरों ने जो साहस दिखाया, वह हर किसी को हैरान कर रहा है। बिहार के रहने वाले मुकेश कुशवाहा ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ निर्माणाधीन इंटकवेल के ऊपर काम कर रहे थे। तभी अचानक तेज हवा के बीच एक क्रूज उनकी तरफ लहराते हुए आता दिखा।
मुकेश ने कहा कि वे लोग लगातार चिल्लाकर क्रूज के पायलट से कह रहे थे कि नाव को किनारे की तरफ ले आए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। लेकिन पायलट ने क्रूज को और अंदर की तरफ ले जाने की कोशिश की। मुकेश का कहना है कि अगर उस समय क्रूज किनारे आ जाता, तो हालात अलग होते और लोगों को आसानी से बचाया जा सकता था।
जल जीवन मिशन के तहत कर रहे थे काम
मुकेश कुशवाहा जल जीवन मिशन के तहत मजदूरी का काम कर रहे हैं। उस समय बांध के पास पुल जैसी एक संरचना बनाई जा रही थी। गुरुवार शाम को वे अपने साथियों के साथ वहीं काम में लगे हुए थे, तभी यह हादसा हुआ।
कमर में रस्सी बांधकर बचाव कार्य
जब क्रूज डूबने लगा, तो मुकेश और उनके साथियों ने बिना देर किए बचाव कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने एक-दूसरे की कमर में रस्सी बांधी और पानी में उतर गए। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि कोई भी बह न जाए और सब एक-दूसरे को संभाल सकें। उन्होंने मिलकर कई लोगों को बाहर निकाला। इतना ही नहीं, क्रूज के पायलट को भी सुरक्षित बाहर लाने में सफलता मिली। मजदूरों की इस हिम्मत और सूझबूझ ने कई जिंदगियां बचा लीं।
चार लोगों की गई जान
हालांकि, इस हादसे में पर्यटकों की जान चली गई। उनके शवों को भी मजदूरों ने पानी से बाहर निकालने में मदद की। यह हादसा काफी दर्दनाक था, लेकिन मजदूरों के प्रयास से कई लोगों को नई जिंदगी मिली।
इन मजदूरों ने निभाई अहम भूमिका
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में मुकेश कुशवाहा के साथ सागर, वृंदा यादव, राजेश यादव, अरविंद यादव, संजय साहनी, छोटू राम और राजकुमार जैसे कई मजदूरों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाया। सभी ने मिलकर टीमवर्क के साथ यह काम किया, जो काबिले तारीफ है।
बहादुरी की मिसाल बने मजदूर
इस घटना ने यह दिखा दिया कि आम लोग भी मुश्किल समय में असली हीरो बन सकते हैं। बिना किसी ट्रेनिंग के, सिर्फ हिम्मत और इंसानियत के दम पर इन मजदूरों ने जो किया, वह समाज के लिए एक बड़ी मिसाल है।



