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पवन के बाद बिहार चुनाव में रंगीला भी करेंगे दो-दो हाथ, रील नहीं रियल में होगी दो भोजपुरी एक्टर के बीच सियासी जंग

पटना ऑनलाइन डेस्क। बिहार का विधानसभा चुनाव लगातार रोमांचक मुहाने पर आ गया है। तारीखों के ऐलान के बाद अब राजनीतिक दल के नेता लाव-लश्कर के साथ सियासी दंगल में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं और एक-दूसरे को चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। बिहार चुनाव में बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्म इंड्रस्ट्री का तगड़ा भी देखने को मिलेगा। बीजेपी ने पवन सिंह को एक बार फिर अपने पाले में करके आरा और कारीकाट की लड़ाई को रोचक बना दिया है। तो वहीं पवन सिंह के धुर विरोधी खेसारी यादव की भी अब बिहार के चुनाव में एंट्री हो गई है। जानकार बताते हैं कि अब चुनावी जंग काफी रोचक देखने को मिलेगी।

अब पवन सिंह बीजेपी के खेवनहार होंगे

भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। चुनाव की डुगडुगी बजते ही बिहार की धरती पर सियासी रंग सिर चढ़कर बोल रहा है। एनडीए लगातार फिर से सत्ता में वापसी के लिए दांव-पेच आजमा रही है तो इंडिया गठबंधन भी पटना की कुर्सी पर बैठने के लिए हल्लाबोल दिया है। चुनावी विसात में सिने स्टार्स की भी एंट्री हो गई है। पवन सिंह ने एनडीए से हाथ मिला लिया है। अब पवन सिंह बीजेपी के खेवनहार होंगे। पवन सिंह का स्टारडम केवल मगध के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में है। उसके चाहने वाले हर जगह है। पवन सिंह ने भी एनडीए की जीत की बड़ी भविष्यवाणी करते हुए सियासी दंगल में उतर चुके हैं।

पत्नी चुनाव मैदान में उतरेगी

पवन सिंह की दहाड़ के बाद आरजेडी एक्शन में आई और एक और बड़े भोजपुरी स्टार्स को अपने पाले में लाने का ऐलान कर दिया। पवन सिंह के धुर विरोधी खेसारी यादव की अब बिहार के चुनाव में एंट्री हो गई है। आरजेडी खेसारी को सारण जिले की माझी विधानसभा से चुनाव लड़वाना चाह रही है। जिसको लेकर तेजस्वी यादव ने खेसारी से मुलाकात भी की है। तेजस्वी से मुलाकात के बाद खेसारी ने साफ तौर कर कह दिया कि चुनाव वो तो नहीं लड़ेंगे, लेकिन उनकी पत्नी चुनाव मैदान में उतरेगी। अगर तेजस्वी और अखिलेश भैया का आशीर्वाद रहा तो। इतना ही नहीं खेसारी ने आते ही पवन सिंह पर तंज कस दिया कह दिया कि नेता वो होना चाहिए जो जनता के बीच रहे। जनता की सेवा करे। नेता स्टारडम में चुनाव तो जीत लेते है लेकिन फिर उसके बाद 5 साल जनता उनकी सूरत देखने को तरस जाती है।

बिहार की मिट्टी से उगने वाले दोनो सितारे

दरअसल हर किसी को मालू है कि सिंगर पवन सिंह और अभिनेता खेसारी लाल यादव के बीच पुरानी अदावत है। बिहार की मिट्टी से उगने वाले दोनो सितारे है। एक गायक, एक अभिनेता, और दोनों के दिल में है। जनता का प्यार दोनों बिहार के बड़े स्टार है लेकिन दोनों के बीच अदावत बेहद पुरानी है। अब ये जंग सिनेमा के पर्दे से निकलकर सियासत के मैदान में आ चुकी है। पवन सिंह बनाम खेसारी लाल यादव अब यह टकराव है रील से रियल का। ये अदावत कोई आज की नहीं है। इसकी शुरुआत हुई थी करीब एक दशक पहले, जब खेसारी लाल यादव रातों-रात ’साजन चले ससुराल’ से सुपरस्टार बने। उस वक्त भोजपुरी सिनेमा में पवन सिंह का जलवा था दृ ‘लॉलीपॉप लागेलु’ ने उन्हें आइकॉन बना दिया था।

दोनों सितारे उतर चुके हैं राजनीति की अखाड़े में

पवन को लगा कि खेसारी अचानक आए और इंडस्ट्री में उनका क्रेज बढ़ता जा रहा है। वहीं खेसारी को लगता था कि पुराने स्टार्स उन्हें गंभीरता से नहीं ले रहे। फिर शुरू हुई बयानबाज़ी कभी पवन सिंह के इंटरव्यू में खेसारी का नाम न लेना, तो कभी खेसारी द्वारा सोशल मीडिया पर ’पुराने लोगों’ पर तंज।दोनों ने कभी साथ फिल्म नहीं की और जब भी बात आई साथ आने की, दोनों ने एक-दूसरे से दूरी बना ली। अब जब 2025 का चुनाव सामने है, तो दोनों सितारे उतर चुके हैं राजनीति की अखाड़े में। पवन सिंह जहां एनडीए के समर्थन में दिखे हैं, वहीं खेसारी लाल यादव का झुकाव आरजेडी के सामाजिक न्याय और युवा मुद्दों की ओर माना जा रहा है।

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