Compassionate Appointment Rules: सरकारी सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु या गंभीर चिकित्सकीय कारणों से समयपूर्व सेवानिवृत्ति होने पर उसके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद परिवार को अचानक आए आर्थिक संकट से उबारना है, न कि नियमित भर्ती प्रक्रिया का विकल्प उपलब्ध कराना।
कौन कर सकता है आवेदन?
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नियमों के अनुसार मृत कर्मचारी के आश्रित परिवार के सदस्य आवेदन कर सकते हैं। इनमें पति या पत्नी, बेटा, बेटी तथा कुछ विशेष परिस्थितियों में अविवाहित कर्मचारी के आश्रित भाई या बहन शामिल हो सकते हैं। पात्रता संबंधित विभाग के नियमों और परिवार की परिस्थितियों के आधार पर तय की जाती है।
क्या मृत कर्मचारी वाली ही नौकरी मिलती है?
यह एक आम गलतफहमी है कि आश्रित को उसी पद पर नियुक्ति मिलती है जिस पद पर कर्मचारी कार्यरत था। वास्तव में अनुकंपा नियुक्ति सामान्यतः ग्रुप ‘सी’ या निर्धारित निचले पदों पर ही दी जाती है। नियुक्ति के लिए संबंधित पद की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करना भी आवश्यक होता है। वेतन भी उसी नए पद के अनुसार मिलता है।
कैसे होती है आवेदन प्रक्रिया?
अनुकंपा नियुक्ति स्वतः नहीं मिलती। परिवार को संबंधित विभाग में निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होता है। इसके साथ मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार का विवरण, आय संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। आवेदन के बाद विभाग परिवार की आर्थिक स्थिति और पात्रता का मूल्यांकन करता है।
क्यों लग जाता है लंबा समय?
कई विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए सीमित रिक्तियां उपलब्ध होती हैं। सामान्यतः प्रत्यक्ष भर्ती के सीमित प्रतिशत पदों पर ही ऐसी नियुक्तियां की जाती हैं। इसी कारण कई मामलों में पात्र आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रहना पड़ता है और नियुक्ति मिलने में समय लग सकता है।
क्या निजी कंपनियों में भी मिलता है यह लाभ?
अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान मुख्य रूप से केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों और कुछ सरकारी संस्थानों में लागू होता है। निजी कंपनियों के लिए ऐसा करना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। हालांकि कुछ कंपनियां अपनी आंतरिक नीतियों के तहत आश्रितों को नौकरी या आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती हैं।








