Operation Mule Hunt: चंडीगढ़ क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता, साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़,

Operation Mule Hunt के तहत चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों सलमान अंसारी और भीम सरोज को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ठगी की रकम को अपने खातों में मंगवाकर नकद निकालते थे और कमीशन लेकर साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे। I4C की सूचना पर हुई जांच में यह एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा पाया गया।

Operation Mule Hunt के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में चंडीगढ़ में खोले गए म्यूल बैंक खातों के जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहाली के मुल्लांपुर निवासी सलमान अंसारी (24) और चंडीगढ़ के खुड्डा लाहौरा निवासी भीम सरोज (32) के रूप में हुई है।

कैसे चलता था साइबर फ्रॉड का खेल?

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से हासिल रकम को म्यूल बैंक खातों के जरिए आगे ट्रांसफर करता था। इसके बदले आरोपियों को कमीशन मिलता था।

ठगी की रकम पहले इन खातों में जमा की जाती थी और फिर नकद निकालकर या अन्य माध्यमों से साइबर ठगों तक पहुंचाई जाती थी, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

I4C की सूचना से शुरू हुई जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre) से मिली जानकारी के बाद हुई। इसके बाद चंडीगढ़ साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच में पाया गया कि चंडीगढ़ में खोले गए कई बैंक खाते देश के अलग-अलग राज्यों—दिल्ली, तमिलनाडु, गोवा, मुंबई और गुजरात—में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े हुए हैं, जो राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज थीं।

म्यूल अकाउंट का पूरा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, ये बैंक खाते सामान्य उपयोग के लिए नहीं बल्कि “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे। म्यूल अकाउंट ऐसे खाते होते हैं जिन्हें साइबर अपराधी ठगी की रकम को छिपाने और आगे भेजने के लिए उपयोग करते हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने पहले सलमान अंसारी से संपर्क किया था और बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए कहा था। इसके बाद सलमान ने भीम सरोज की मदद से नया बैंक खाता खुलवाया और उसे ठगों के हवाले कर दिया।

नकद निकासी से चलता था पूरा सिस्टम

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि खातों में बड़ी रकम आने के बाद सलमान चेक के जरिए पैसे निकालता था और नकद रूप में साइबर ठगों तक पहुंचाता था। इस काम के बदले दोनों को तय कमीशन मिलता था, जिसे वे आपस में बांट लेते थे।

पुलिस की अपील

साइबर क्राइम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या नेट बैंकिंग की जानकारी न दें। ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इससे व्यक्ति अनजाने में साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है।

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