Dehradun Unauthorized Development: देहरादून और उसके आसपास तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। इसी कड़ी में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सहसपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि यह कॉलोनी करीब 50 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने प्लॉटों का सीमांकन हटाया, सीसी सड़क को तोड़ा और अन्य अवैध निर्माणों को भी हटाया।
शिकायत मिलने के बाद हुई जांच
एमडीडीए को सूचना मिली थी कि नया हाईवे, कल्याणपुर क्षेत्र में बड़े स्तर पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पाया गया कि जमीन को कई हिस्सों में बांटकर प्लॉट तैयार किए जा चुके थे। इतना ही नहीं, कॉलोनी के भीतर आने-जाने के लिए सीसी सड़क का निर्माण भी कराया गया था। हालांकि, इसके लिए विकास प्राधिकरण से किसी प्रकार की स्वीकृति नहीं ली गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण ने तुरंत कार्रवाई का फैसला लिया और अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
नियमों का पालन जरूरी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सुनियोजित और नियमों के अनुसार विकास करना है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था नियमों को नजरअंदाज कर अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश करेगी, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध निर्माण करने वालों को संदेश
अधिकारियों का कहना है कि कल्याणपुर में की गई यह कार्रवाई उन लोगों के लिए साफ संदेश है, जो बिना अनुमति जमीन की प्लॉटिंग या कॉलोनी विकसित करने का काम कर रहे हैं। प्राधिकरण ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता और संबंधित विभागों से मिली अनुमति की जांच जरूर कर लें। इससे भविष्य में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।
लगातार रखी जा रही निगरानी
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि देहरादून और आसपास के विकास क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष टीमों के माध्यम से नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर का विकास तय नियमों और योजनाओं के अनुसार हो, ताकि भविष्य में किसी तरह की अव्यवस्था न पैदा हो।
