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Tamil Nadu: क्या सनातन का श्राप बना DMK की बड़ी हार, सत्ता से गिरावट तक, कैसे बदला पूरा सियासी खेल

तमिलनाडु चुनाव 2026 में डीएमके को बड़ी हार का सामना करना पड़ रहा है। स्टालिन परिवार पिछड़ता दिख रहा है, जबकि थलापति विजय की पार्टी ने बड़ा उलटफेर कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।

Kirtika Tyagi by Kirtika Tyagi
May 4, 2026
in राष्ट्रीय
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DMK Shock in Tamil Nadu: एक पुरानी कहावत है कि जब सत्ता का नशा सिर चढ़कर बोलता है, तो जनता वोट के जरिए उसका जवाब देती है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के ताजा रुझान कुछ ऐसा ही संकेत दे रहे हैं। यह सिर्फ एक चुनावी हार नहीं, बल्कि डीएमके के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खुद अपनी सीट पर पीछे चल रहे हैं। वहीं उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन, जिन्हें पार्टी का भविष्य माना जाता है, वे भी अपनी मजबूत सीट से पिछड़ते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर साफ दिखाती है कि जनता का मूड इस बार बदला हुआ है।

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आंकड़ों में दिख रहा बड़ा बदलाव

अगर ताजा रुझानों पर नजर डालें, तो डीएमके के लिए हालात काफी मुश्किल नजर आ रहे हैं। कुल 211 सीटों के रुझानों में पार्टी काफी पीछे दिख रही है। सबसे बड़ा उलटफेर थलापति विजय की नई पार्टी टीवीके ने किया है। यह पार्टी करीब 98 सीटों पर आगे चल रही है और सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार बन गई है। वहीं एआईएडीएमके 61 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में है। दूसरी तरफ, डीएमके करीब 35 सीटों तक सिमटती दिख रही है। अन्य पार्टियों में पीएमके, कांग्रेस और बीजेपी भी कुछ सीटों पर आगे हैं।

क्या वजह रही इस गिरावट की

अब सवाल यह उठता है कि आखिर डीएमके को इतना बड़ा नुकसान क्यों हुआ। इसके पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उदयनिधि स्टालिन के उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
इस बयान के बाद देशभर में विरोध हुआ, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने अपने रुख में ज्यादा बदलाव नहीं किया। लोगों को लगा कि उनकी आस्था को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसका असर चुनाव में देखने को मिला।

जनता की नाराजगी और एंटी-इनकंबेंसी

चुनाव नतीजों में एक और बात साफ दिख रही है, वह है सत्ता विरोधी लहर। लोगों में सरकार के कामकाज को लेकर नाराजगी थी। भ्रष्टाचार, परिवारवाद और प्रशासन की कमजोरियों जैसे मुद्दे भी सामने आए।
एमके स्टालिन का अपनी सीट पर पीछे होना इस बात का संकेत है कि जनता अब बदलाव चाहती है। वहीं उदयनिधि का पिछड़ना यह दिखाता है कि मतदाता अब सिर्फ नाम या परिवार के आधार पर वोट नहीं दे रहे।

विजय बने नया विकल्प

डीएमके की इस गिरावट का सीधा फायदा थलापति विजय को मिला है। उनकी पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया है। जनता, जो पुराने विकल्पों से संतुष्ट नहीं थी, उसने एक नए चेहरे पर भरोसा जताया।

विजय की साफ छवि और नए अंदाज ने लोगों को आकर्षित किया। यही वजह है कि उनकी पार्टी इस चुनाव में सबसे आगे निकलती दिख रही है।

कुल मिलाकर, तमिलनाडु चुनाव 2026 में डीएमके के लिए यह एक बड़ा सबक साबित होता दिख रहा है। जनता ने साफ संदेश दिया है कि अहंकार और विवादित बयानों की राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चलती।

Tags: DMK vs TVKTamil Nadu Election 2026
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Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi

Kirtika Tyagi is a journalist. she is working on sub-editor post and she is expert in International, National, Health, Crime, Lifestyle, Astro beat. 

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