E20 Ethanol Blending: इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सामने आ रही थीं। अब सरकार ने इन दावों को गलत बताया है। पेट्रोलियम मंत्रालय और ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से लोगों की शंकाएं दूर करने की कोशिश की। उनका कहना है कि ई20 ईंधन पूरी तरह तय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है और इससे जुड़े कई दावे सही नहीं हैं।
डीजल में भी होगी ब्लेंडिंग
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि भारत अब बायोफ्यूल के अगले चरण की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में डीजल में भी 15 प्रतिशत तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की योजना है। यह ईंधन भी इथेनॉल से तैयार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे विदेशों से तेल पर निर्भरता कम होगी।
विशेषज्ञों ने क्या कहा
पूर्व चेयरपर्सन वर्तिका शुक्ला ने बताया कि अमेरिका, ब्राजील, कनाडा, जर्मनी और कई अन्य देशों में वर्षों से इथेनॉल मिश्रित ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में भी यह योजना अचानक लागू नहीं हुई, बल्कि कई सालों की तैयारी और चरणबद्ध प्रक्रिया के बाद इसे लागू किया गया। पहले पेट्रोल में बहुत कम मात्रा में इथेनॉल मिलाया जाता था, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाया गया।
पुरानी गाड़ियों को लेकर क्या सच है
मारुति सुजुकी के वरिष्ठ अधिकारी राहुल भारती ने कहा कि 2023 से पहले बनी ई10 कारों पर भी ई20 ईंधन का परीक्षण किया गया है। जांच में इंजन, पाइप, गैसकेट या दूसरे हिस्सों में किसी बड़े नुकसान के संकेत नहीं मिले। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी परीक्षण किए गए हैं और चिंता की कोई बड़ी वजह सामने नहीं आई।
माइलेज पर क्या असर पड़ेगा
टोयोटा किर्लोस्कर के वरिष्ठ अधिकारी विक्रम गुलाटी ने कहा कि इथेनॉल अच्छा ईंधन है और इसकी ऑक्टेन क्षमता ज्यादा होती है, जिससे वाहन का प्रदर्शन बेहतर रहता है। उन्होंने माना कि ई20 के इस्तेमाल से माइलेज में लगभग 2 से 4 प्रतिशत तक कमी आ सकती है, लेकिन यह बहुत बड़ा अंतर नहीं है। उनका कहना है कि यह ईंधन साफ और पर्यावरण के लिए बेहतर माना जाता है।
पुराने सवाल क्यों उठे
2023 से पहले खरीदे गए वाहनों को लेकर लोगों के मन में सबसे ज्यादा सवाल हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना था कि ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन के लिए कुछ पुर्जों में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। वहीं ऊर्जा विशेषज्ञों ने भी कहा था कि इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा कम होती है, इसलिए माइलेज थोड़ा घट सकता है। हालांकि सही तकनीक और इंजन की ट्यूनिंग से इसका असर काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सरकार ने अफवाहों को बताया गलत
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इथेनॉल को लेकर फैलाई जा रही कई बातें केवल अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आलोचना का स्वागत करती है, लेकिन बिना तथ्य वाली जानकारी से लोगों में भ्रम फैलता है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में इथेनॉल मिश्रण की योजना नई नहीं है। इसकी शुरुआत पहले की सरकारों के समय हुई थी, लेकिन अब इसमें तेजी से प्रगति की गई है।
