E20 Petrol Controversy : देश में E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है। अब यह मामला एक नया मोड़ ले चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से दिए गए बयान के बाद आंदोलन कर रहे लोगों ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है। इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा बढ़ा दी है।
आंदोलनकारियों ने चुनौती स्वीकार की
कुछ दिन पहले नितिन गडकरी ने कहा था कि अगर कोई यह साबित कर दे कि E20 पेट्रोल की वजह से किसी वाहन को नुकसान हुआ है, तो ऐसे पीड़ित को उनके सामने लाया जाए। इस बयान के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और उद्योगपति तहसीन पूनावाला ने कहा कि वे एक नहीं, बल्कि छह ऐसे लोगों को सामने लाने के लिए तैयार हैं, जिनका दावा है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ियों में गंभीर खराबी आई।
मीडिया के सामने बैठक की मांग
तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि वह नितिन गडकरी से मिलने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी एक शर्त है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए। साथ ही पूरी बातचीत का लाइव प्रसारण भी किया जाए, ताकि देश के लोग खुद देख सकें कि दोनों पक्ष क्या कह रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का भी किया जिक्र
पूनावाला ने बताया कि ‘टीम भारत’ के बैनर तले जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था। उनका कहना है कि वे सभी प्रभावित लोगों को लेकर केंद्रीय मंत्री के सरकारी आवास जाना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें ऐसा नहीं करने की सलाह दी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें डर है कि अगर वे सीधे मंत्री के घर पहुंचे, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। इसलिए उन्होंने मांग की है कि या तो दिल्ली पुलिस इस मुलाकात की व्यवस्था करे या फिर केंद्रीय मंत्री खुद मिलने का समय तय करें।
क्या है पूरा मामला?
भारत सरकार ने अब देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री लागू कर दी है। राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 के तहत यह लक्ष्य वर्ष 2030 तक पूरा किया जाना था, लेकिन इसे तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया। अब अधिकांश पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि देश की बड़ी संख्या में पुरानी गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। उनका दावा है कि इससे माइलेज कम हो रहा है और इंजन के कुछ हिस्सों पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के कई विशेषज्ञ इन आरोपों से सहमत नहीं हैं। नितिन गडकरी का कहना है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और इससे वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी वाहन मालिक को कोई समस्या महसूस होती है, तो वह अपने वाहन डीलर या संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा सकता है। सरकार हर शिकायत की जांच कराने की बात कह रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि दोनों पक्षों की प्रस्तावित मुलाकात होती है या नहीं।









