ED Raids Over Narcotics Trafficking: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में सोमवार को कई स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में की गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला करीब 142 करोड़ रुपये के अवैध धन और नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ है। ईडी की टीमों ने उन इलाकों को भी निशाने पर लिया, जो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बेहद करीब स्थित हैं। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन और इसके पीछे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
सीमा से जुड़े इलाकों पर फोकस
अधिकारियों ने बताया कि जिन जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया, वे भारत-म्यांमार सीमा और भारत-बांग्लादेश सीमा के आसपास स्थित हैं। मिजोरम में कुछ स्थान म्यांमार सीमा से करीब 500 मीटर की दूरी पर हैं, जबकि त्रिपुरा में कुछ ठिकाने बांग्लादेश सीमा से लगभग 200 मीटर दूर बताए गए हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन सीमावर्ती क्षेत्रों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की आवाजाही के लिए किया जा रहा था। इसी वजह से इन इलाकों को जांच के केंद्र में रखा गया है।
एनसीबी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
ईडी ने यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया है। यह कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की शिकायत के आधार पर की जा रही है।
मामला अगस्त 2025 में त्रिपुरा में हुई एक बड़ी बरामदगी से जुड़ा है। उस दौरान जांच एजेंसियों ने 49.101 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और 40 ग्राम हेरोइन जब्त की थी। इसके बाद पूरे नेटवर्क की जांच शुरू की गई।
म्यांमार से हो रही थी सप्लाई
जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह म्यांमार से मिजोरम के चम्फाई और जोखावथर क्षेत्र के रास्ते मेथम्फेटामाइन भारत में ला रहा था। इसके बाद इस नशे को त्रिपुरा समेत अन्य इलाकों में पहुंचाया जाता था।
अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और कई स्तरों पर काम कर रहा था। जांच एजेंसियां अब इसके पूरे तंत्र को समझने और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
फर्जी खातों से छिपाया गया पैसा
ईडी की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि कथित अपराध से कमाए गए करोड़ों रुपये को कई बैंक खातों और फर्जी संस्थाओं के जरिए छिपाने की कोशिश की गई थी।
जांच एजेंसी अब उन खातों, कंपनियों और व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है, जिनका संबंध इस आर्थिक नेटवर्क से हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जांच जारी, कई दस्तावेज खंगाले जा रहे
फिलहाल ईडी की टीम विभिन्न स्थानों से मिले दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि अवैध कमाई का पैसा कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।
