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वोटिंग से ठीक पहले ‘APP’ में ‘बगावत’, इन आठ विधायकों ने अरविंद केजरीवाल को कहा ‘बाय-बाय’

नई दिल्ली ऑनलाइन डेस्क। दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के 8 विधायक बागी हो गए और उन्होंने आम आदमी पार्टी से रिजाइन कर दिया। महरौली विधायक नरेश यादव ने अपने इस्तीफा पत्र में अरविंद केजरीवाल पर सनसनीखेज आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ही भ्रष्टाचार के दलदल में लिप्त हो चुकी है। ऐसे में मैंने पार्टी से अलग होने की मन बनाया।

आप से 8 विधायकों ने रिजाइन किया

दिल्ली विधानसभा चुनाव का शोर अपने चरम पर है। दिल्ली की सत्ता बरकरार रखने के लिए आम आमदी पार्टी के नेता जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। जीत के लिए रणनीति बना रहे हैं। वादों का पिटारा लेकर गली-गली जाकर वोट मांग रहे हैं पर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के अंदर बगावत हो गई। पार्टी के 8 विधायकों ने रिजाइन कर दिया। इस्तीफा देने वालों में से महरौली के विधायक नरेश यादव भी हैं, जिन्होंने आप और अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

APP के इन विधायकों ने किया रिजाइन

महरौली के विधायक नरेश यादव के अलावा  जनकपुरी विधायक राजेश ऋषि, पालम विधायक भावना गौड़, त्रिलोकपुरी विधायक रोहित महरौलिया, बिजवासन विधायक बीएस जून, कस्तूरबा नगर विधायक मदन लाल, आदर्शन नगर विधायक पवन शर्मा और मादीपुर से विधायक गिरीश सोनी ने अपने-अपने इस्तीफे आम को भेज दिए। सभी ने अपने रिजाइन पत्र पर भ्रष्टाचार को अहम मुद्दा बताया। साथ ही पार्टी के कुछ नेताओं पर आरोप भी लगाए हैं।

भ्रष्टाचार के दलदल में लिप्त APP 

महरौली विधायक नरेश यादव ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा, आम आदमी पार्टी का उदय भ्रष्टाचार के खिलाफ हुए, अन्ना आंदोलन से भारतीय राजनीति से भ्रष्टाचार को मुक्त करने के लिए हुआ था लेकिन अब मैं बहुत दुखी हूं कि भ्रष्टाचार आम आदमी पार्टी बिल्कुल भी कम नहीं कर पाई बल्कि आम आदमी पार्टी ही भ्रष्टाचार के दलदल में लिप्त हो चुकी है।

100 फीसदी ईमानदारी से काम किया

विधायक ने लिखा कि मैंने आम आदमी पार्टी ईमानदारी की राजनीति के लिए ही ज्वाइन की थी। आज कहीं भी ईमानदारी नजर नहीं आ रही है। मैंने महरौली विधानसभा में पिछले 10 सालों से लगातार 100 फीसदी ईमानदारी से काम किया है। महरौली के लोग जानते हैं कि मैंने ईमानदारी की राजनीति, अच्छे व्यवहार की राजनीति और काम की राजनीति की है। मैंने महरौली के बहुत से लोगों से चर्चा की, सभी ने यही कहा कि आम आदमी पार्टी अॅब पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हो चुकी है।

भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है APP

विधायक ने कहा कि, जनता ने मुझसे कहा, आपको इस पार्टी को छोड़ देना चाहिए क्योंकि इन्होंने लोगों के साथ धोखा किया है। कहते थे, कि हम ईमानदारी की राजनीति करेंगे लेकिन आज पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली की जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के दलदल में फंस चुकी है क्योंकि इन्होंने भ्रष्टाचारियों को ही पार्टी में शामिल कर लिया है। आम आदमी पार्टी में कुछ ही लोग ईमानदारी की राजनीति करने वाले बचे हैं।

मेरा प्यार व दोस्ती

विधायक ने कहा कि, केवल उनसे मेरा प्यार व दोस्ती हमेशा रहेगी और अपनी महरौली की जनता का भी मैं दिल से आभार और धन्यवाद प्रकट करता हूं कि इन्होंने मुझे 10 सालों में बहुत प्यार और आशीर्वाद दिया है। महरौली विधान सभा और दिल्ली की प्यारी जनता से विनम्र निवेदन है कि आगे की ईमानदारी से समाज सेवा वाली राजनीति के लिए अपना आशीर्वाद और प्यार हमेशा मुझपर बनाये रखें। मैं आप सभी से वादा करता हूं कि हमेशा ईमानदारी की, अच्छे व्यवहार की और काम की राजनीति करता रहूंगा।

राजेश ऋषि के शब्द

जनकपुरी विधायक राजेश ऋषि ने अपने इस्तीफा पत्र में लिखा कि प्रिय केजरीवाल जी, मैं आपको सूचित करने के लिए लिख रहा हूं कि मैं आम आदमी पार्टी (आप) की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों और जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहा हूं। ’आप’ भ्रष्टाचार-मुक्त शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर आधारित थी। पार्टी से, मैंने इन मूल मूल्यों में एक महत्वपूर्ण दूरी देखी है। पार्टी के कार्यों और निर्णयों ने राजनीतिक सुविधा को लोगों के कल्याण पर प्राथमिकता दी है। उन्होंने आगे लिखा कि इंडिया-अगेस्ट-कॉरप्शन मूवमेंट से उत्पन्न आम आदमी पार्टी, जो अन्ना हजारे के सिद्धांतों, ईमानदारी, भ्रष्टाचार रोकने के लिए बनी थी। हालांकि, मुझे यह देखकर दुख होता है कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों को त्याग कर भ्रष्टाचार में डूब गई है।

APP ने विधायकों को नहीं दिए टिकट

आम आदमी पार्टी ने इस बार के दिल्ली चुनाव में अपने 25 विधायकों का टिकट काटा था। इनमें चार विधायकों के परिवारवालों को टिकट दिया गया। वहीं, 4 टिकट कटने वाले विधायक दूसरे दलों में शामिल हो गए। 17 विधायक पूरी तरह से खाली हाथ रहे थे। अब इन विधायकों में से 8 ने आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यही नहीं उन्होंने पार्टी आलाकमान और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। फिलहाल आठो विधायक अभी तक खुलकर दूसरे दलों में जाने को लेकर बयान नहीं दिए।

 

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