Site icon News1India

Ganga Dussehra: गंगा दशहरा पर मातम, आस्था के बीच क्यों डूब गईं कई जिंदगियां, आखिर कब सुधरेंगे घाटों के सुरक्षा इंतजाम?

गंगा दशहरा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में श्रद्धालु बड़ी संख्या में गंगा स्नान करने पहुंचे। लेकिन यह धार्मिक उत्साह कई परिवारों के लिए दुख में बदल गया। बदायूं के कछला और अटैना घाट पर गंगा में डूबने की घटनाओं में पांच श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी देर शाम तक लापता रही। हादसों के बाद घाटों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कछला घाट पर बड़ा हादसा

बदायूं के कछला घाट पर गंगा स्नान के दौरान 25 श्रद्धालु तेज बहाव में फंस गए। मौके पर मौजूद गोताखोरों और स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान चलाकर 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तीन लोगों की जान नहीं बच सकी। हादसे में एक किशोरी अब भी लापता बताई जा रही है। प्रशासन की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

अटैना घाट पर दो युवकों की मौत

फर्रुखाबाद के कंपिल क्षेत्र स्थित अटैना घाट पर भी दर्दनाक घटना सामने आई। दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचे 20 वर्षीय अनुपम शाक्य गहरे पानी में चला गया। करीब पांच घंटे की तलाश के बाद उसका शव बरामद किया गया। वहीं एक अन्य युवक की भी डूबने से मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद घाट पर मौजूद लोगों में डर और बेचैनी फैल गई।

ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से मची चीख-पुकार

गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी हादसे का शिकार हो गई। फर्रुखाबाद के जिजौटा बुजुर्ग गांव के पास एक पिकअप वाहन की टक्कर लगने के बाद ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में महिलाएं और बच्चे समेत नौ लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

करनाल में भी डूबे तीन युवक

हरियाणा के करनाल में भी गंगा दशहरा के दौरान बड़ा हादसा हुआ। लालपुरा घाट पर यमुना नदी में स्नान करने गए तीन युवक गहरे पानी में डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन ने तुरंत राहत अभियान शुरू कराया।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

लगातार हो रहे हादसों के बाद घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। त्योहारों पर लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं, लेकिन कई जगहों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और गोताखोरों की व्यवस्था नहीं दिखाई देती। लोगों का कहना है कि अगर पहले से बेहतर इंतजाम होते, तो शायद कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

Exit mobile version