Forbes Real-Time Billionaires List: भारतीय कॉर्पोरेट जगत के दो सबसे बड़े नाम मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी अक्सर वैश्विक अमीरों की सूची में अपनी स्थिति को लेकर चर्चा में रहते हैं। जहाँ रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी अपनी स्थिति को मजबूती से थामे हुए हैं, वहीं अदाणी एंटरप्राइजेज के गौतम अदाणी के लिए समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। ताज़ा ‘फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर लिस्ट’ के अनुसार, कभी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति के सिंहासन पर बैठने वाले गौतम अदाणी अब शीर्ष 30 अरबपतियों की सूची से भी बाहर हो गए हैं।
कभी जेफ बेजोस को पछाड़ने वाले अदाणी अब कहाँ?
एक दौर वह था जब गौतम अदाणी ने अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के दूसरे सबसे अमीर अरबपति का खिताब अपने नाम किया था। उस समय उनकी संपत्ति ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर थी। लेकिन वर्तमान डेटा के अनुसार, वह वैश्विक सूची में काफी नीचे खिसक गए हैं। इसके विपरीत, जेफ बेजोस वर्तमान में शीर्ष पांच अरबपतियों में अपनी जगह बनाए हुए हैं। अदाणी की मौजूदा स्थिति उनकी पिछली उपलब्धियों की तुलना में काफी कमजोर दिखाई दे रही है, जिससे निवेशकों और बाजार के बीच उनकी साख पर असर पड़ा है।
साख गिरने के पीछे के मुख्य कारण
अदाणी समूह की संपत्ति और साख में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े घटनाक्रम जिम्मेदार हैं।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट का प्रहार: 2023 की शुरुआत में आई हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट ने अदाणी ग्रुप की बुनियाद हिला दी, जिससे उनकी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
कर्ज और विस्तार पर सवाल: समूह द्वारा भारी कर्ज लेकर किए जा रहे विस्तार पर उठते सवालों ने भी निवेशकों के भरोसे को कम किया।
मुकेश अंबानी की स्थिति
जहाँ एक ओर गौतम अदाणी संघर्ष कर रहे हैं, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी ने खुद को दुनिया के शीर्ष 20 अरबपतियों की सूची में सुरक्षित रखा है। वह वर्तमान में एशिया और भारत के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में अपनी स्थिति मजबूत किए हुए हैं। वैश्विक स्तर पर उनका मुकाबला माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स जैसे दिग्गजों के साथ बना हुआ है। अंबानी की संपत्ति में स्थिरता और निरंतर विकास ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित रखा है।
